नक्सली आतंक के बाद अब गजराज का खौफ, हाथियों के हमलों से दहशत में ग्रामीण

नक्सली आतंक के बाद अब गजराज का खौफ, हाथियों के हमलों से दहशत में ग्रामीण

Johar News Times
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तीन वर्षों में छह लोगों की मौत, फसल और घर तबाह; वन विभाग के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा,

पूर्वी सिंहभूम के गुड़ाबांदा क्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कभी नक्सली गतिविधियों के लिए चर्चित रहा यह इलाका अब हाथियों के हमलों से दहशत में है। पिछले तीन वर्षों में हाथियों के हमलों में छह लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों एकड़ फसल और दर्जनों घर बर्बाद हो चुके हैं। लगातार बढ़ते खतरे के कारण कई ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार फॉरेस्ट ब्लॉक और गुड़ाबांदा पंचायत की स्थिति सबसे ज्यादा भयावह है। झुंड से बिछड़ा एक हाथी कई गांवों में लगातार तबाही मचा रहा है। हाथियों ने न सिर्फ खेतों और घरों को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि मवेशियों को भी मार डाला है। गांवों में लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। ग्रामीण मशाल, ढोल-नगाड़े और पटाखों के सहारे हाथियों को भगाने की कोशिश कर रहे हैं।

हाथियों के हमलों में 26 मार्च 2024 को चिरुगोड़ा निवासी 70 वर्षीय धीराई मुर्मू, 25 मार्च 2025 को माछभंडार के हाड़ीराम मुर्मू, 25 अगस्त 2025 को बालिजुड़ी के सरोज पाल, 19 फरवरी 2026 को बेनागाड़िया की चंपा हेंब्रम और 7 मार्च 2026 को माड़ोतोलिया के अभिषेक मार्डी की मौत हो चुकी है। वहीं 25 जुलाई 2025 को घायल हुए अतुल बेरा की इलाज के दौरान 11 अगस्त को मौत हो गई थी। हाल ही में 13 मई 2026 को झारखंड-ओडिशा सीमा क्षेत्र में ओडिशा निवासी 18 वर्षीय गौतम सिंह की भी हाथी के हमले में जान चली गई।

वन विभाग की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि विभाग केवल पटाखे और मोबिल बांटकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है। घटना के बाद मुआवजा देकर मामले को शांत कर दिया जाता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से कई प्रभावित परिवारों को अब तक क्षतिपूर्ति का भुगतान भी नहीं मिला है। इधर घाटशिला अनुमंडल क्षेत्र के झाटीझरना और डायनमारी गांव में मंगलवार रात हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। डायनमारी निवासी पांडू हेंब्रम का घर हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। घर गिरने की आवाज और हाथियों के डर से भागने के दौरान उनकी पत्नी जोबा हेंब्रम गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं।

घटना की जानकारी मिलने पर विधायक सोमेश चंद्र सोरेन गांव पहुंचे और घायल महिला का हालचाल लिया। उन्होंने अपने निजी वाहन से जोबा हेंब्रम को इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल भिजवाया तथा प्रभावित परिवार को तिरपाल उपलब्ध कराया। विधायक ने डीएफओ से बातचीत कर प्रभावित परिवार को मुआवजा दिलाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए दो दिनों के भीतर टॉर्च उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मौके पर झामुमो नेता जगदीश भकत, काजल डॉन, प्रखंड अध्यक्ष दुर्गा चरण मुर्मू, सुजय सिंह, सागर पानी, अंकुर कावड़ी, रिंकू सिंह, सोनाराम सोरेन और जय सिंह समेत कई लोग मौजूद थे। वहीं वनपाल सोनाराम सबर और वनरक्षी अभिलाष महतो ने कहा कि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और सूचना मिलते ही हाथियों को खदेड़ने की कार्रवाई की जाती है।

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