बॉलीवुड की ‘मोहिनी’ और करोड़ों दिलों की धड़कन माधुरी दीक्षित आज अपना 59वां जन्मदिन मना रही हैं। 15 मई, 1967 को मुंबई में जन्मी माधुरी आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह कभी अभिनेत्री बनना ही नहीं चाहती थीं? आइए, उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानते हैं उनके पैथोलॉजिस्ट से ‘धक-धक गर्ल’ बनने तक का दिलचस्प सफर।
विज्ञान में थी रुचि, बनना चाहती थीं पैथोलॉजिस्ट
माधुरी दीक्षित पढ़ाई में हमेशा से अव्वल रही थीं। उन्होंने माइक्रोबायोलॉजी में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया था। विज्ञान के प्रति उनके लगाव के कारण वह एक प्रोफेशनल पैथोलॉजिस्ट के तौर पर अपना करियर बनाना चाहती थीं। अभिनय की दुनिया उनके प्लान का हिस्सा कभी नहीं थी, लेकिन राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म ‘अबोध’ ने उनकी किस्मत का रुख मोड़ दिया।
3 साल की उम्र से शुरू किया था नृत्य का सफर
अभिनय भले ही संयोग हो, लेकिन नृत्य माधुरी के खून में था। महज 3 साल की उम्र से उन्होंने डांस सीखना शुरू किया और 8 साल तक कथक की कठिन ट्रेनिंग ली। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 9 साल की उम्र में उन्हें कथक के लिए स्कॉलरशिप मिली थी।

ऐसे मिला ‘धक-धक गर्ल’ का टैग
माधुरी को शुरुआती पहचान 1988 में फिल्म ‘तेजाब’ के ‘एक दो तीन’ गाने से मिली, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। लेकिन 1992 में आई फिल्म ‘बेटा’ के गाने ‘धक धक करने लगा’ ने उन्हें वह पहचान दी जो आज भी उनके नाम के साथ जुड़ी है। इस गाने में उनके स्टेप्स और एक्सप्रेशन ने उन्हें बॉलीवुड की ‘डांसिंग क्वीन’ के रूप में स्थापित कर दिया।
अपकमिंग प्रोजेक्ट: ‘मां बहन’ में आएंगी नजर
वर्क फ्रंट की बात करें तो माधुरी जल्द ही नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘मां बहन’ में दिखाई देंगी। यह एक डार्क कॉमेडी ड्रामा है जिसमें उनके साथ तृप्ति डिमरी भी मुख्य भूमिका में हैं। फैंस को इस नई जोड़ी और माधुरी के नए अवतार का बेसब्री से इंतजार है।
