जमशेदपुर: जमशेदपुर में सामने आए ट्रिपल मर्डर केस ने पूरे शहर को हिला दिया है। शुरुआती जांच और सामने आए तथ्यों के अनुसार यह वारदात किसी अचानक गुस्से का नतीजा नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही मानसिक तनाव और भविष्य की चिंता का परिणाम बताई जा रही है।
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि आरोपी रिटायरमेंट के बाद अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित था। घर की आर्थिक स्थिति, बेटे की शादी का दबाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर वह लगातार मानसिक तनाव में था। बताया जा रहा है कि घटना से ठीक 2 दिन पहले वह डॉक्टर के पास भी गया था, जहां उसने मानसिक बेचैनी और तनाव की शिकायत की थी।
पहले बेटे को मारा, फिर पत्नी और बेटी की हत्या
जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार आरोपी ने सबसे पहले अपने बेटे की हत्या की। इसके बाद उसने अपनी पत्नी और बेटी को भी मौत के घाट उतार दिया। पुलिस का कहना है कि पूरी वारदात सुनियोजित नहीं थी, लेकिन मानसिक अस्थिरता और दबाव के कारण यह खौफनाक कदम उठाया गया।
आर्थिक और सामाजिक दबाव बना कारण
सूत्रों के अनुसार आरोपी पर घर चलाने और बेटे की शादी कराने का दबाव लगातार बढ़ रहा था। रिटायरमेंट के बाद आय का कोई स्थायी स्रोत न होने के कारण वह खुद को असहाय महसूस कर रहा था। इसी मानसिक स्थिति ने धीरे-धीरे उसे इस भयावह कदम की ओर धकेल दिया।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपी के मेडिकल और मानसिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह केवल मानसिक तनाव का मामला था या इसके पीछे कोई अन्य पारिवारिक विवाद भी जुड़ा हुआ था।
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