उत्तर भारत सहित पूरे झारखंड में भीषण गर्मी और लू का तांडव शुरू हो गया है। जमशेदपुर, चाईबासा और सरायकेला समेत पूरे कोल्हान संभाग में पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है। मौसम विभाग की मानें तो मई-जून में भीषण लू चलने के आसार हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है कि दोपहर के वक्त धूप से लौटकर सीधे ठंडे वातावरण में जाना या ठंडा पानी पीना जानलेवा साबित हो सकता है। अक्सर लोग धूप से आते ही कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो सीधे उनके दिल और दिमाग पर असर डालती हैं। आइए जानते हैं इस जानलेवा गर्मी में खुद को और अपने परिवार को कैसे सुरक्षित रखें।
धूप से लौटने के बाद ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी
1. थर्मल शॉक का खतरा बाहर का तापमान 40-42 डिग्री होता है, जबकि AC वाले कमरे का तापमान 20-22 डिग्री। धूप से आते ही सीधे ठंडी हवा में बैठने से शरीर का ‘थर्मो-रेगुलेटरी सिस्टम’ बिगड़ जाता है। इससे तेज सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन और बुखार हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पहले 10 मिनट सामान्य पंखे की हवा में बैठें।
2. अचानक ठंडा या बर्फ का पानी पीना तेज गर्मी से आने के बाद बर्फ जैसा ठंडा पानी पीने से रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) अचानक सिकुड़ जाती हैं। इससे पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है और ‘वेगस नर्व’ प्रभावित होने से हृदय गति (Heart Rate) पर भी असर पड़ सकता है। हमेशा मटके का पानी या सामान्य पानी ही पिएं।
3. पसीने में ही नहा लेना धूप से लौटने पर शरीर का तापमान काफी बढ़ा होता है। पसीने से तर-बतर शरीर पर तुरंत पानी डालने से स्किन एलर्जी, सर्दी-जुकाम और शरीर में दर्द की शिकायत हो सकती है। शरीर को पहले पूरी तरह सूखने दें और तापमान सामान्य होने पर ही नहाएं।
4. चाय-कॉफी या सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन कई लोग थकान मिटाने के लिए धूप से आकर चाय या कोल्ड ड्रिंक पीते हैं। चाय-कॉफी में मौजूद कैफीन और कोल्ड ड्रिंक्स की अत्यधिक शुगर शरीर को और भी ज्यादा डिहाइड्रेट (पानी की कमी) कर देती है, जिससे कमजोरी बढ़ सकती है।
5. तुरंत शारीरिक व्यायाम या भारी काम धूप से आने के बाद शरीर पहले से ही थकावट और हीट स्ट्रेस में होता है। ऐसे में तुरंत कोई भारी काम या एक्सरसाइज करने से ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है और चक्कर आकर गिरने (Heat Syncope) का खतरा रहता है।

विशेषज्ञों की सलाह: क्या करें ताकि सुरक्षित रहें?
- दोपहर 12 से 4 का रखें ध्यान: यदि बहुत जरूरी न हो, तो कोल्हान की दोपहर में बाहर निकलने से बचें। अगर निकलना पड़े तो सिर को छाते, टोपी या सफेद सूती कपड़े से ढंककर ही निकलें।
- इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन: केवल सादा पानी काफी नहीं है। पानी में नींबू-नमक-चीनी का घोल, ओआरएस (ORS), या नारियल पानी लें। झारखंड में मिलने वाला ‘बेल का शरबत’ या ‘सत्तू का घोल’ इस मौसम के लिए अमृत समान है।
- हल्का और ठंडा भोजन: गर्मियों में भारी और मसालेदार भोजन के बजाय दही, छाछ, खीरा, तरबूज और सलाद का अधिक सेवन करें।
- सूती कपड़ों को प्राथमिकता: गहरे रंग और सिंथेटिक कपड़ों के बजाय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें जो पसीने को सोख सकें।

हीट स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानें
अगर धूप से आने के बाद नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो इसे सामान्य थकान समझकर अनदेखा न करें:
- तेज बुखार (103-104 डिग्री तक)।
- त्वचा का लाल और गर्म होना लेकिन पसीना न आना।
- तेज सिरदर्द और बेहोशी जैसा महसूस होना।
- उल्टी या जी मिचलाना।
डॉक्टरों का कहना है: “झारखंड जैसे इलाकों में जहां शुष्क गर्मी अधिक होती है, वहां लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। बच्चों और बुजुर्गों के मामले में विशेष सावधानी बरतें। लक्षण दिखने पर तुरंत मरीज को ठंडी जगह ले जाएं और गीले कपड़े से स्पंजिंग शुरू करें।”











