पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत रोहिणीबेड़ा मौजा में वन एवं रैयती भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गांव के ग्रामीणों ने बाहरी लोगों पर गांव का माहौल खराब करने, जातीय तनाव फैलाने और जमीन पर कथित अवैध कब्जे की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वर्षों से सामाजिक सौहार्द बना हुआ था, लेकिन हाल के दिनों में कुछ बाहरी तत्वों की गतिविधियों के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। आरोप है कि कुछ लोग वन भूमि और रैयती जमीन को लेकर भ्रम फैलाकर ग्रामीणों के बीच विवाद उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भूमि अभिलेख, खतियान और सरकारी दस्तावेजों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि गांव की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई जरूरी है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया तो सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
इधर, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
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