पंचायत उपबंध झारखंड नियमावली, 2025 के तहत सरायकेला-खरसावां जिले में एक बड़ा फैसला लिया गया है। उपायुक्त के निर्देशानुसार, मंगलवार को ईचागढ़ अंचल के सोड़ो पंचायत भवन परिसर में चांडिल बालूघाट समूह-A (निविदा संख्या-01/2025) को लेकर ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से उत्खनन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
पांच गांवों की संयुक्त ग्राम सभा में हुआ फैसला
जिला खनन पदाधिकारी की मौजूदगी में आयोजित इस महत्वपूर्ण ग्राम सभा में सोड़ो, जारगोडीह, पुरानडीह, बीरडीह और बामुनडीह ग्राम के ग्राम प्रधान, मुखिया तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिला खनन पदाधिकारी ने ‘झारखंड पेसा नियमावली, 2025’ के उपबंध-30 के प्रावधानों को विस्तार से समझाया। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि:
“अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी लघु खनिज के उत्खनन से पहले स्थानीय ग्राम सभा की लिखित सहमति अनिवार्य है। इस कानून का उद्देश्य जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय ग्रामीणों के अधिकारों को सुरक्षित रखना है।”
इसके साथ ही ग्रामीणों को बालूघाट की तय सीमा, रॉयल्टी, पर्यावरण सुरक्षा और स्थानीय विकास में मिलने वाली हिस्सेदारी के बारे में भी जागरूक किया गया।
प्रस्ताव पर गहन विचार-विमर्श करने के बाद सभी संबंधित ग्राम सभाओं ने चांडिल बालूघाट समूह-A के उत्खनन पर अपनी सहमति दे दी। हालांकि, ग्रामीणों ने इसके बदले विकास की कुछ शर्तें भी रखीं। ग्राम सभा ने प्रस्ताव पारित किया कि:
- बालू उठाव से मिलने वाले राजस्व का एक हिस्सा सीधे पंचायत के विकास कार्यों, स्थानीय स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं और पेयजल योजनाओं में खर्च हो।
- उत्खनन के दौरान पर्यावरण नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए ताकि नदी और आसपास के क्षेत्रों को नुकसान न पहुंचे।
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
जिला खनन पदाधिकारी ने ग्राम सभा की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सहमति मिलने के बाद अब आगे की सरकारी प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस बालूघाट के शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में ईचागढ़ के अंचलाधिकारी , खान निरीक्षक और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
