भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है। कम रनिंग कॉस्ट, एडवांस्ड फीचर्स और ईको-फ्रेंडली होने की वजह से लोग तेजी से पेट्रोल-डीजल कारों को छोड़कर EV की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। लेकिन अगर आप भी नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो इसके एक ‘हिडन कॉस्ट’ के बारे में जानना बेहद जरूरी है।
हालिया रिपोर्ट्स में एक चौंकाने वाला दावा किया गया है कि इलेक्ट्रिक कारों के टायर, सामान्य पेट्रोल या डीजल कारों के मुकाबले 30 प्रतिशत तक ज्यादा तेजी से घिस रहे हैं। आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और इस भारी-भरकम खर्च से कैसे बचा जा सकता है।
टायर जल्दी खराब होने की 2 सबसे बड़ी वजहें
शुरुआत में कई EV ओनर्स इस बात को लेकर हैरान थे, लेकिन एक्सपर्ट्स ने इसके पीछे दो मुख्य तकनीकी कारण बताए हैं:
1. भारी-भरकम बैटरी पैक (Heavy Battery Weight)
इलेक्ट्रिक कारों में रेंज बढ़ाने के लिए बड़े और भारी लिथियम-आयन बैटरी पैक का इस्तेमाल किया जाता है। इस वजह से EV का कुल वजन सामान्य कारों की तुलना में बहुत ज्यादा हो जाता है। कार का यह अतिरिक्त वजन सीधे तौर पर टायरों पर दबाव बनाता है, जिससे वे जल्दी घिस जाते हैं।
2. इंस्टेंट टॉर्क का प्रेशर (Instant Torque)
पेट्रोल-डीजल कारों के विपरीत, इलेक्ट्रिक कार में एक्सेलरेटर दबाते ही तुरंत (Instant) पूरी पावर और टॉर्क मिलता है। यह इंस्टेंट टॉर्क गाड़ी को अचानक तेज रफ्तार तो देता है, लेकिन इससे सड़क और टायर के बीच घर्षण (Friction) बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। बार-बार तेज एक्सेलरेशन टायरों की लाइफ को तेजी से खत्म करता है।
कंपनियों ने निकाला तोड़: बाजार में आए ‘EV स्पेसिफिक टायर’
टायरों पर पड़ने वाले इस अतिरिक्त दबाव को देखते हुए अब टायर निर्माता कंपनियां EV-Specific Tyres (इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए खास टायर) बाजार में उतार रही हैं।
- इन टायरों को खास रबर कंपाउंड से तैयार किया जाता है जो भारी वजन को आसानी से संभाल सकते हैं।
- ये टायर गाड़ी के तुरंत मिलने वाले टॉर्क को झेलने में सक्षम होते हैं, जिससे इनकी लाइफ बेहतर होती है।
इन 4 टिप्स से बढ़ाएं अपनी EV के टायरों की लाइफ
अगर आप कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखें, तो टायर बदलने के मोटे खर्च से बच सकते हैं:
- स्मूद ड्राइविंग अपनाएं: अचानक तेज एक्सेलरेशन (पिकअप) और हार्ड ब्रेकिंग से बचें। आराम से गाड़ी स्टार्ट करें।
- सही टायर प्रेशर है जरूरी: EV में टायर प्रेशर हमेशा मेंटेन रखें। कम प्रेशर होने पर भारी गाड़ी का पूरा लोड टायरों के किनारों को जल्दी खराब कर देता है।
- व्हील अलाइनमेंट और रोटेशन: समय-समय पर व्हील अलाइनमेंट चेक करवाएं और टायरों को रोटेट (आगे के टायर पीछे और पीछे के आगे) करते रहें।
- EV टायर्स ही चुनें: जब भी टायर बदलने की नौबत आए, तो सामान्य टायर की जगह EV के लिए बने स्पेशल टायर ही लगवाएं।
