दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने बुधवार को खड़गपुर से घाटशिला तक रेल लाइनों और विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इसके बाद मऊभंडार में सांसद विद्युत बरण महतो के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में घाटशिला, टाटानगर, चांडिल और चक्रधरपुर रेलखंड में ट्रेनों की लेटलतीफी और प्रस्तावित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
सांसद विद्युत बरण महतो ने महाप्रबंधक से मालगाड़ियों के बजाय यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण मालगाड़ियों का दबाव ज्यादा है, जिससे यात्री ट्रेनें लेट हो रही हैं। उम्मीद है कि कांड्रा-चांडिल बाइपास और आदित्यपुर-गम्हरिया अतिरिक्त रेल लाइन बनने से यात्रियों को जल्द राहत मिलेगी।
ट्रेनों के विलंब पर रेल महाप्रबंधक ने कहा कि रेलवे अगले 10 से 15 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम कर रहा है। इसके तहत 400 करोड़ रुपये की लागत से टाटानगर यार्ड का रीमॉडलिंग किया जाएगा और सितंबर-अक्टूबर तक वहां से 9 डायमंड क्रॉसिंग हटाए जाएंगे, जिससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। सिनी, राजखरसावां और सोनुवा समेत कई स्टेशनों पर नई लूप लाइनें भी बनाई जा रही हैं।
जीएम ने आगे बताया कि 1.80 लाख करोड़ की ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर परियोजना से मालगाड़ियों के लिए अलग रास्ता मिल जाएगा, जिससे यात्री ट्रेनें समय पर चलेंगी। वहीं चाकुलिया-बुढ़ामारा रेल लाइन के लिए मार्च 2027 तक वन विभाग से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने भरोसा दिया कि इस साल दिसंबर तक घाटशिला स्टेशन के विकास कार्य पूरे कर लिए जाएंगे और नई ट्रेनों के ठहराव का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।
