सरायकेला-खरसावां जिले में ‘सुजल ग्राम संवाद’ के छठे संस्करण के तहत ग्रामीणों ने वर्चुअल माध्यम से अधिकारियों से सीधे संवाद किया। यह कार्यक्रम पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटील ने की।
कार्यक्रम में 10 राज्यों के ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। झारखंड से केवल कुचाई प्रखंड के जोड़सरजम गांव के ग्रामीण इस संवाद से जुड़े।
ग्रामीणों ने साझा किए अनुभव
संवाद के दौरान जल जीवन मिशन 2.0, जल संरक्षण और पेयजल आपूर्ति की स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। विभाग के अतिरिक्त सचिव केके सोन ने गांव की जलसहिया मीना प्रमाणिक, आंगनवाड़ी सेविका पुष्पा बांकिरा और ग्रामीण उपेंद्र सरदार से बातचीत की।
ग्रामीणों ने बताया कि मिशन से पहले स्वच्छ पेयजल के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, खासकर गर्मी के मौसम में पानी की समस्या गंभीर हो जाती थी। अब गांव के सभी घरों में पूरे वर्ष स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। नल-जल आपूर्ति, जल गुणवत्ता, संचालन एवं रख-रखाव, सामुदायिक सहभागिता और जल संरक्षण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रबंधन मजबूत करने पर जोर

कार्यक्रम के दौरान नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बेहतर प्रबंधन पर बल दिया गया। साथ ही आसपास के अन्य गांवों में भी शत-प्रतिशत घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।
इस अवसर पर कुचाई प्रखंड से प्रखंड विकास पदाधिकारी साधु चरण देवगम उपस्थित रहे, जबकि जिला मुख्यालय से उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
हर घर तक पहुंच रहा स्वच्छ पानी
जल जीवन मिशन के तहत कुचाई प्रखंड के अरुवां ग्राम पंचायत अंतर्गत जोड़सरजम गांव के सभी 75 घरों तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। लगभग 350 की आबादी वाले इस गांव में 22 अनुसूचित जाति, 208 अनुसूचित जनजाति और 120 सामान्य वर्ग के लोग निवास करते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि घरों तक स्वच्छ पानी पहुंचने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले विशेषकर बरसात के दिनों में लोग अक्सर बीमार पड़ते थे, लेकिन अब बीमारियों में काफी कमी आई है।











