झारखंड की राजधानी रांची में कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के लिए पुलिस ने शनिवार देर रात एक बहुत बड़ा अभियान चलाया है। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत की गई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में पुलिस ने रिकॉर्ड स्तर पर छापेमारी करते हुए 100 से अधिक वारंटियों और शातिर अपराधियों को दबोच लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के सख्त निर्देश पर शनिवार की आधी रात को जिले के सभी शहरी और ग्रामीण थाना क्षेत्रों में एक साथ यह विशेष अभियान शुरू किया गया था। इस अचानक हुए प्रहार से राजधानी के क्राइम जगत में हड़कंप मच गया।
एसएसपी की खुफिया रणनीति
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रांची जिले के अलग-अलग मामलों में नामजद कई वारंटी और गंभीर मामलों के आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे थे।
- एक साथ दबिश: मामले की गंभीरता और गोपनीयता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन ने खुद इस पूरी रणनीति का खाका तैयार किया। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चिह्नित ठिकानों पर एक ही समय एक साथ दबिश देने का आदेश दिया।
- ठिकाने हुए ध्वस्त: देर रात जब पूरी राजधानी सो रही थी, तब पुलिस की विशेष टीमें सड़कों पर थीं। चिह्नित ठिकानों पर अचानक हुई इस घेराबंदी के कारण शातिर अपराधियों और वारंटियों को संभलने या भागने का रत्ती भर भी मौका नहीं मिला।
150 से अधिक लंबित वारंटों का हुआ निपटारा
पूरी रात चले इस सघन चेकिंग और छापेमारी अभियान के बाद पुलिस ने न सिर्फ 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया, बल्कि 150 से अधिक लंबे समय से लंबित पड़े कोर्ट वारंटों का भी निष्पादन कर दिया।
अपराधियों में कानून का डर पैदा करना मुख्य मकसद रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य फरार अपराधियों में कानून का डर पैदा करना, शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और कोर्ट के लंबित मामलों में तेजी लाना है। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ कागजी कार्रवाई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
