रांची: राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और रोजाना लगने वाले जाम से राहत देने के लिए राज्य कैबिनेट ने नामकुम-डोरंडा मार्ग (एमडीआर-002) को फोरलेन बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। परियोजना के लिए 162.82 करोड़ रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत सड़क चौड़ीकरण के साथ भू-अर्जन और यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य भी किया जाएगा।
40 मिनट का सफर सिमटकर रह जाएगा 10 मिनट में
फिलहाल नामकुम से डोरंडा के बीच 10 से 12 किलोमीटर की दूरी तय करने में कार्यालय समय के दौरान 40 मिनट तक लग जाते हैं, जबकि जाम की स्थिति में यह समय एक घंटे तक पहुंच जाता है। फोरलेन सड़क बनने के बाद यही दूरी महज 10 मिनट में पूरी की जा सकेगी, जिससे यात्रियों का समय और ईंधन दोनों बचेंगे।
सुजाता चौक, बिरसा चौक और हिनू क्षेत्र में कम होगा दबाव
नई सड़क राजधानी के लिए एक वैकल्पिक ट्रैफिक कॉरिडोर का काम करेगी। इससे सुजाता चौक, बिरसा चौक, हिनू, डोरंडा और नामकुम जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों का दबाव कम होगा। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोगों को भी जाम से राहत मिलेगी। परियोजना का लाभ विशेष रूप से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट और रांची रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। इसके अलावा एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्कूल बसों, सार्वजनिक परिवहन और मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी अधिक सुगम हो सकेगी।
रांची से जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को भी इस सड़क का सीधा लाभ मिलेगा। एयरपोर्ट पर उतरने वाले यात्रियों के लिए जमशेदपुर और आसपास के इलाकों तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज होगा।
