सरायकेला, सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के कई मोहल्लों में चापाकलों के खराब होने और पानी की उपलब्धता प्रभावित रहने से स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। साथ ही चापाकलों की मरम्मत पर हुए खर्च और उससे संबंधित अभिलेखों की पारदर्शिता को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में चापाकलों की मरम्मत और रखरखाव पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका अपेक्षित परिणाम नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र के कई चापाकल अब भी खराब पड़े हैं, जिससे गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और गहरा गया है।
मामले को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगे जाने की भी बात सामने आई है। आरोप है कि मांगी गई सूचनाएं अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसी को लेकर स्थानीय लोगों ने खर्च से संबंधित सभी अभिलेख सार्वजनिक करने तथा स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

विधायक प्रतिनिधि सनत आचार्य ने भी क्षेत्र में पेयजल समस्या को गंभीर बताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि लोगों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना नगर निकाय की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इधर, नाराज स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा खराब पड़े चापाकलों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।
