पाकुड़: SIR के खिलाफ सड़क पर उतरेगा JMM, मतदाताओं को जागरूक करने के लिए रांची से आएगी टेक्निकल टीम— हेमलाल मुर्मू

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी रोकने के लिए JMM का 'डिजिटल प्लान': चुनाव आयोग को भेजी लिस्ट, कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देने रांची से आएगी टेक्निकल टीम।

Johar News Times
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विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है। लिट्टीपाड़ा के झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की यह पूरी प्रक्रिया भाजपा की वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए अल्पसंख्यक, ईसाई और आदिवासी समुदाय के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

विधायक ने दो टूक कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो इस मुद्दे पर झामुमो राज्य स्तर पर एक व्यापक आंदोलन खड़ा करेगा।

‘लिट्टीपाड़ा में घुसपैठ की संभावना नहीं, फिर आदिवासियों को क्यों किया जा रहा परेशान?’

प्रेस वार्ता के दौरान विधायक हेमलाल मुर्मू ने घुसपैठ के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा:

“पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्य बांग्लादेश की सीमा से सटे हैं, वहां घुसपैठ का मुद्दा उठाया जाना समझ आता है। लेकिन लिट्टीपाड़ा जैसे सुदूर और आदिवासी बहुल क्षेत्र में घुसपैठ की संभावना न के बराबर है। यहां ग्रामीण व्यवस्था इतनी मजबूत है कि किसी भी नए व्यक्ति के आने पर स्थानीय लोग तुरंत उसकी पृष्ठभूमि का पता लगा लेते हैं।”

उन्होंने चिंता जताई कि एसआईआर के नाम पर गरीब ग्रामीणों में भ्रम और डर का माहौल बनाया जा रहा है। कागजी दस्तावेजों के अभाव में मूल निवासियों के नाम मतदाता सूची से कटने की गंभीर आशंका बनी हुई है।

संभावित गड़बड़ियों से निपटने के लिए झामुमो ने अपनी रणनीति का खुलासा किया है:

  • पार्टी ने प्रत्येक बूथ स्तर पर अपने सक्रिय कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है और इसकी आधिकारिक सूची चुनाव आयोग को भी भेज दी गई है।
  • जल्द ही रांची से तकनीकी विशेषज्ञों की एक विशेष टीम बुलाई जा रही है। यह टीम बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेगी ताकि किसी भी वैध मतदाता का नाम डिजिटल या कागजी हेरफेर से कटने न पाए।

आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक पहचान पर हमला

विधायक ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को लगातार कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने आदिवासी समाज की धार्मिक पहचान पर भी स्थिति स्पष्ट की:

“सरना और सनातन धर्म की अपनी अलग-अलग और विशिष्ट पहचान है। इन्हें एक बताने का कोई भी राजनीतिक प्रयास पूरी तरह अनुचित है।”

प्रेस वार्ता के अंत में विधायक ने सभी मतदाताओं से सतर्क रहने और अपने पहचान व निवास से जुड़े जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की अपील की। इस मौके पर झामुमो के प्रखंड उपाध्यक्ष रंजन साहा भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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