130 से अधिक शिक्षकों और संविदा कर्मियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित, शीघ्र भुगतान की मांग,
जमशेदपुर: झारखंड राज्य विश्वविद्यालय संविदा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार पांडेय ने कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन पर आवश्यकता आधारित (नीड बेस्ड) शिक्षकों के वेतन भुगतान में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कार्यरत 130 से अधिक नीड बेस्ड शिक्षकों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
डॉ. पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय के नियमित शिक्षक, पदाधिकारी और स्थायी शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल रहा है, जबकि शिक्षण और प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संविदा शिक्षक, कंप्यूटर ऑपरेटर और कार्यालय सहायक वेतन के लिए परेशान हैं।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बजट उपलब्ध नहीं होने का हवाला दिया जा रहा है। उनका सवाल है कि सीमित मानदेय पर कार्य करने वाले संविदा कर्मियों का वेतन रोकना कितना न्यायसंगत है, जबकि उनके परिवार का पूरा खर्च इसी आय पर निर्भर करता है। संघ के अनुसार वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों और कर्मचारियों को बच्चों की स्कूल फीस, मकान किराया, परिवहन और अन्य घरेलू खर्चों के भुगतान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉ. राकेश कुमार पांडेय ने कहा कि उन्होंने समाचार माध्यमों के जरिए विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है। उन्होंने मांग की कि आवश्यकता आधारित शिक्षकों और विश्वविद्यालय के अन्य संविदा कर्मियों का लंबित वेतन जल्द से जल्द जारी किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।
