TCS धर्मांतरण और उत्पीड़न केस में महाखुलासा: पीड़िताओं को दिखाए जाते थे पाकिस्तानी मौलवियों के वीडियो, चार्जशीट में चौंकाने वाले आरोप

कॉर्पोरेट ऑफिस या धर्मांतरण का अड्डा? नासिक TCS केस की चार्जशीट में खुले कई घिनौने राज।

Johar News Times
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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस के नासिक ऑफिस में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले की जांच में एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा खुलासा हुआ है। अदालत में दाखिल की गई पुलिस चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने महिला कर्मचारियों का धर्म परिवर्तन कराने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची थी। पीड़िताओं ने अपने बयानों में आरोप लगाया है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित करने के लिए पाकिस्तानी इस्लामी धर्मगुरुओं के वीडियो दिखाए जाते थे और हिंदू धार्मिक गतिविधियों से दूर रहने का दबाव बनाया जाता था।

“भजन-मंदिर छोड़ो, अल्लाह सब माफ कर देगा”

चार्जशीट में शामिल एक पीड़िता के बयान के अनुसार, उसे भजन सुनना और मंदिर जाना बंद करने के लिए कहा गया था। आरोपियों ने उससे कहा कि “अल्लाह का नाम लेने से तुम्हारे सारे गुनाह माफ हो जाएंगे।”

चार्जशीट के 5 सबसे बड़े और चौंकाने वाले खुलासे:

  • पीड़िताओं को पाकिस्तानी मौलवी तारिक जमील, डॉ. इसरार अहमद और विवादित जाकिर नाइक के वीडियो देखने के लिए मजबूर और प्रेरित किया जाता था।
  • आरोपी दानिश शेख और अन्य लोग उन महिलाओं को निशाना बनाते थे जो पहले से ही किसी व्यक्तिगत या मानसिक परेशानी से गुजर रही थीं। एक पीड़िता ने दानिश पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का भी आरोप लगाया है।
  • जांच में सामने आया है कि आरोपियों के रडार पर विशेष रूप से 18 से 25 वर्ष की युवा महिला कर्मचारी थीं। उन्हें नमाज पढ़ने और खान-पान की आदतें बदलने के लिए प्रताड़ित किया जाता था।
  • पुलिस को जांच के दौरान एक संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप का पता चला है, जिसमें महिला कर्मचारियों को लेकर कोडवर्ड और आपत्तिजनक चर्चाएं की जाती थीं। फिलहाल डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है।
  • पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में शिकायतकर्ता महिलाओं, उनके परिजनों, टीसीएस प्रबंधन के अधिकारियों, POSH के सदस्यों और जांच अधिकारियों समेत कुल 106 गवाहों के बयान शामिल हैं।

9 महिलाओं ने दर्ज कराई शिकायत, SIT की जांच जारी

इस मामले में अब तक टीसीएस की 9 महिला कर्मचारियों ने खुलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतों में यौन उत्पीड़न, अश्लील टिप्पणियां, धार्मिक दबाव और मानसिक प्रताड़ना जैसे बेहद गंभीर आरोप हैं। पुलिस अब तक कई आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है और विशेष जांच दल इस पूरे नेक्सस की गहराई से पड़ताल कर रहा है।

इस पूरे मामले पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस पहले ही अपना रुख साफ कर चुका है। कंपनी का कहना है कि वह कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, भेदभाव या जबरदस्ती के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाती है और जांच में पूरा सहयोग कर रही है।

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