वैश्विक आर्थिक मंदी और लगातार बढ़ती महंगाई के बीच टेक जगत से एक बार फिर बेहद परेशान करने वाली खबर आ रही है। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) ने अपने कर्मचारियों को एक और बड़ा झटका दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले दो हफ्तों के भीतर कंपनी ने कई विभागों से कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।
गूगल क्लाउड और साइबर सिक्योरिटी विंग पर सबसे ज्यादा असर
बिजनेस इनसाइडर (Business Insider) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल ने इस बार अपने क्लाउड डिवीजन (Cloud Division) को निशाना बनाया है और बड़े पैमाने पर कटौती शुरू की है।
इस छंटनी का सबसे बड़ा असर गूगल की बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल टीम ‘गूगल थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप’ (Google Threat Intelligence Group) पर पड़ा है। यह वही विंग है जो वैश्विक स्तर पर होने वाले बड़े हैकिंग ऑपरेशंस और साइबर हमलों पर रिसर्च कर उनकी रिपोर्ट दुनिया के सामने लाती है।
इसके अलावा, साल 2022 में गूगल द्वारा 5.4 अरब डॉलर (लगभग 45,000 करोड़ रुपये) में खरीदी गई मशहूर साइबर सिक्योरिटी कंपनी ‘मैंडिएंट’ (Mandiant) के कर्मचारियों की भी इस छंटनी में नौकरी चली गई है। हालांकि, गूगल ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुल कितने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
कर्मचारियों ने लिंक्डइन पर बयां किया दर्द
इस छंटनी की पुष्टि खुद प्रभावित कर्मचारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर की है। एक पूर्व कर्मचारी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मेरी टीम के कई अन्य साथियों के साथ मुझे भी कंपनी से निकाल दिया गया है।” इसके साथ ही कर्मचारी ने बताया कि वह कुछ समय का ब्रेक लेने के बाद अब नए रोजगार के अवसरों की तलाश करेंगे।
आखिर क्यों हो रही है छंटनी?
जानकारों के मुताबिक, इस छंटनी के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं:
- वैश्विक तनाव और मंदी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव (जैसे अमेरिका और ईरान के बीच की तनातनी) और वैश्विक बाजार में छाई मंदी ने टेक कंपनियों के रेवेन्यू पर असर डाला है।
- बढ़ती महंगाई: दुनिया भर में बढ़ती महंगाई के कारण कंपनियां अपनी लागत (Cost-cutting) को कम करने के लिए वर्कफोर्स को छोटा कर रही हैं।
- री-स्ट्रक्चरिंग: गूगल अपनी प्राथमिकताओं को बदलते हुए उन प्रोजेक्ट्स और टीमों को री-स्ट्रक्चर कर रहा है, जहाँ खर्च कम किया जा सके।
