झारखंड में पोस्ता भूसा पर बड़ी कार्रवाई: 683 किलो बरामद, एक गिरफ्तार, करोड़ों का नेटवर्क जांच के घेरे में

झारखंड में पोस्ता भूसा पर बड़ी कार्रवाई: 683 किलो बरामद, एक गिरफ्तार, करोड़ों का नेटवर्क जांच के घेरे में

Johar News Times
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झारखंड के चतरा और रांची जिलों में पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 683 किलोग्राम पोस्ता भूसा (पॉपी स्ट्रॉ) जब्त किया है। बरामद माल की अनुमानित बाजार कीमत 1.02 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरे मामले में तस्कर मौके से फरार हो गए।

पहली कार्रवाई चतरा जिले में की गई। वाहन चेकिंग के दौरान एक टेंपो से 283 किलो पोस्ता भूसा बरामद हुआ। पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि मादक पदार्थ बिहार ले जाया जा रहा है। प्रतापपुर थाना क्षेत्र के बलवाडोहर गांव के पास वाहन को रोका गया। चतरा एसडीपीओ संदीप सुमन के अनुसार, पोस्ता भूसा 10 बोरियों में भरा हुआ था। इस मामले में 27 वर्षीय अजय कुमार साव को गिरफ्तार किया गया है। जब्त माल की कीमत करीब 42 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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दूसरी कार्रवाई रांची जिले के तमाड़ थाना क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर जंगल में छिपाकर रखे गए 400 किलो पोस्ता भूसा को बरामद किया। यह माल 21 बोरियों में रखा हुआ था, जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपये बताई गई है। बुंडू एसडीपीओ ओम प्रकाश ने बताया कि यह कार्रवाई 1 मई को की गई थी। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान के प्रयास जारी हैं।

गौरतलब है कि पोस्ता भूसा (Poppy Straw) अफीम के पौधे के सूखे हिस्सों—जैसे फल (डोडा), तना और पत्तियों—को मिलाकर तैयार किया जाता है। इसे पीसकर या उबालकर नशे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यही कच्चा माल अफीम और उससे बनने वाले अन्य मादक पदार्थों का आधार होता है। भारत में बिना लाइसेंस इसके उत्पादन, भंडारण और तस्करी पर NDPS Act के तहत सख्त प्रतिबंध है।

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