झारखंड में ट्रेजरी घोटाले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब खूंटी जिले की SIRB-2 बटालियन में वेतन मद से फर्जी निकासी का मामला सामने आया है। बटालियन के अकाउंटेंट अजीत कुमार सिंह पर अपने वेतन मद में करीब 22 लाख रुपये की अवैध निकासी करने का आरोप लगा है। वित्त विभाग के निर्देश पर चल रही जांच के दौरान खूंटी जिला प्रशासन ने इस गड़बड़ी का खुलासा किया है। इसके साथ ही खूंटी राज्य का 15वां जिला बन गया है, जहां वेतन मद में फर्जी निकासी का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार ट्रेजरी विभाग ने SIRB-2 बटालियन के कमांडेंट एम.एल. लाड़ा को पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी है। जांच में पाया गया कि सरकारी कोषागार से वेतन के नाम पर संदिग्ध तरीके से राशि निकाली गई। अब संबंधित दस्तावेजों और बैंक ट्रांजेक्शन की गहन जांच की जा रही है।
राज्य में अब तक 33 ट्रेजरी में से 14 ट्रेजरी में गड़बड़ी पकड़ी जा चुकी है। इससे पहले बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, देवघर समेत कई जिलों में करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ चुके हैं। सीआईडी की एसआईटी इन मामलों की जांच कर रही है और कई बैंक खातों को फ्रीज भी किया गया है।
सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। लगातार नए जिलों में हो रहे खुलासों से यह आशंका बढ़ गई है कि ट्रेजरी घोटाले का नेटवर्क राज्य के कई अन्य जिलों तक फैला हो सकता है।
