जमशेदपुर/रांची: झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने और बुनियादी सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ‘झारखंड नगरीय पर्यटक कर नियमावली (Jharkhand City Tourist Tax Rules), 2025’ को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इसके लागू होने के बाद अब राज्य के शहरी क्षेत्रों के होटलों, लॉज और गेस्ट हाउस में ठहरने वाले पर्यटकों को अपने कुल बिल पर अतिरिक्त ‘टूरिज्म टैक्स’ देना होगा।

टैक्स का नया ढांचा: किसे कितना देना होगा?
भारतीय पर्यटकों के लिए:
- नॉन-जीएसटी होटल/लॉज: कुल बिल का 2% अतिरिक्त टैक्स।
- 18% से कम GST वाले होटल: कुल बिल का 2.5% अतिरिक्त टैक्स।
- 18% या उससे अधिक GST वाले होटल: कुल बिल का 5% अतिरिक्त टैक्स।
विदेशी पर्यटकों के लिए: विदेशी सैलानियों के लिए यह दरें दोगुनी रखी गई हैं। उन्हें नॉन-जीएसटी होटलों में 4%, मध्यम श्रेणी में 5% और प्रीमियम होटलों में 10% तक टूरिज्म टैक्स देना होगा।
पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प
सरकार का उद्देश्य इस टैक्स से प्राप्त राजस्व का उपयोग सीधे पर्यटन क्षेत्रों के विकास में करना है। इसमें मुख्य रूप से:
- बुनियादी सुविधाएं: पर्यटन स्थलों पर बेहतर सड़कें, आधुनिक लाइटिंग, पार्किंग और सुरक्षा।
- स्वच्छता: प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था को मजबूत करना।
- लाइब्रेरी निर्माण: सरकार ने इसी फंड और अन्य संसाधनों से 23 जिलों में 800 सीटों वाली अत्याधुनिक लाइब्रेरी बनाने का भी लक्ष्य रखा है।
जमशेदपुर के व्यापारियों में चिंता
होटल व्यवसायियों ने इस फैसले पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि झारखंड अभी एक उभरता हुआ पर्यटन केंद्र है। ऐसे में होटल बिल पर अतिरिक्त टैक्स लगने से पर्यटक पड़ोसी राज्यों का रुख कर सकते हैं, जिससे स्थानीय कारोबार पर असर पड़ सकता है।
नोट: यह नियमावली अब विधानसभा से पारित होकर राज्यपाल की सहमति के बाद पूर्ण रूप से प्रभावी हो जाएगी। जमशेदपुर और रांची जैसे प्रमुख शहरों के होटलों में अब चेक-इन करते समय आपको इस नए टैक्स स्लैब का ध्यान रखना होगा।









