मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को वित्त एवं वाणिज्यिक कर विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य की वर्तमान वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रह और बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राज्य की आय बढ़ाने और टैक्स कलेक्शन सिस्टम को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा:
“विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने और राजस्व को बढ़ाने के लिए डिजिटल सिस्टम और बेहतर मॉनिटरिंग व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए, ताकि झारखंड की आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।”
मुख्यमंत्री ने न सिर्फ राजस्व बल्कि विभागीय योजनाओं और वित्तीय प्रबंधन की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि बजट में तय किए गए प्रावधानों को जमीन पर उतारा जाए और सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुँचना सुनिश्चित हो।
बैठक में मौजूद वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी वित्तीय प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने राजस्व संग्रह की प्रक्रिया को सुदृढ़ करने और लीकेज को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने पर जोर दिया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकार अब डिजिटल व्यवस्था, तकनीकी सुधार और बेहतर निगरानी प्रणाली के जरिए राज्य की आर्थिक व्यवस्था को एक नई दिशा देने की पूरी तैयारी में जुट गई है।
