Jharkhand Census 2027 : आज से घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, 14 जून तक चलेगा मकान सूचीकरण अभियान

Jharkhand Census 2027 : आज से घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, 14 जून तक चलेगा मकान सूचीकरण अभियान

Johar News Times
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रांची : जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत शनिवार 16 मई से झारखंड में मकानों के सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) का घर-घर अभियान शुरू हो रहा है। जनगणना कर्मी राज्यभर में घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे। इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल मोड में कराने पर विशेष जोर दिया गया है। यह अभियान 14 जून तक चलेगा। प्रगणकों को टैबलेट और मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके माध्यम से डेटा सीधे ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लोगों से किसी भी प्रकार का ओटीपी नहीं मांगा जाएगा।

1.55 लाख लोगों ने खुद दर्ज की जानकारी

सरकारी स्तर पर 1 मई से 15 मई तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया चलाई गई थी। इस दौरान लोगों को ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया गया। इस अभियान में रांची जिला सबसे आगे रहा, जबकि पूर्वी सिंहभूम दूसरे और हजारीबाग तीसरे स्थान पर रहा। जनगणना निदेशालय के अनुसार करीब 1.55 लाख से अधिक लोगों ने स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज की है। अब पहले चरण में जनगणना कर्मी घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य पूरा करेंगे और ऑनलाइन भरी गई जानकारियों का सत्यापन भी करेंगे।

घरों से पूछे जाएंगे 33 सवाल

मकान सूचीकरण अभियान के दौरान गणनाकर्मी लोगों से करीब 33 सवाल पूछेंगे। इन सवालों के जरिए घरों की बुनियादी सुविधाओं और रहन-सहन से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें यह जानकारी ली जाएगी कि मकान कच्चा है या पक्का, घर में कितने कमरे हैं, पेयजल की व्यवस्था कैसी है, शौचालय, बिजली कनेक्शन, सोलर पैनल, एलपीजी गैस, रसोईघर, टीवी, फ्रिज, मोबाइल और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है या नहीं। इसके अलावा दोपहिया और चारपहिया वाहन संबंधी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

परिवार और ईंधन से जुड़ी जानकारी भी होगी दर्ज

अभियान के दौरान परिवार के सदस्यों की संख्या, मकान मालिक या किरायेदार का विवरण और घर में उपयोग होने वाले ईंधन से संबंधित जानकारी भी एकत्र की जाएगी। जनगणना कर्मी प्रत्येक घर में जाकर यह डेटा ऑनलाइन सिस्टम में अपलोड करेंगे। राज्य सरकार ने सभी जिलों में अभियान को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान से राज्य की सामाजिक, आर्थिक और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ा अद्यतन डाटा तैयार होगा, जिसका उपयोग भविष्य की सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में किया जाएगा। इसके लिए करीब 76 हजार अधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

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