झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा वर्कर्स कॉलेज में इंटरमीडिएट पढ़ाई बंद करने के फरमान ने शहर के छात्र राजनीति में उबाल ला दिया है। सोमवार को इस फैसले के विरोध में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने जेडीयू छात्र संघ के बैनर तले जमशेदपुर उपायुक्त कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने दो टूक कहा कि सरकार का यह निर्णय शिक्षा के अधिकार का हनन है।
20 किलोमीटर दूर जाने का फरमान: छात्रों का भविष्य अधर में
शिक्षा विभाग के नए आदेश के अनुसार, वर्कर्स कॉलेज में अब इन विषयों की पढ़ाई नहीं होगी और छात्रों को अपनी आगे की शिक्षा पूरी करने के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर एलबीएसएम कॉलेज जाना होगा।
- प्रतिदिन 40 किलोमीटर की यात्रा छात्रों के लिए आर्थिक और शारीरिक रूप से बोझ बनेगी।
- छात्र नेता हेमंत पाठक ने कहा कि इतनी दूर कॉलेज होने के कारण कई अभिभावक अपनी बेटियों को भेजने से कतराएंगे, जिससे उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट सकती है।
- अचानक हजारों छात्रों को दूसरे कॉलेज में शिफ्ट करना वहां की व्यवस्था को भी प्रभावित करेगा।
“सरकार कर रही भविष्य से खिलवाड़” – हेमंत पाठक
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता हेमंत पाठक ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “राज्य सरकार छात्रों से उनका हक छीन रही है। वर्कर्स कॉलेज एक प्रतिष्ठित संस्थान है, इसे बंद करने के बजाय बेहतर बनाने की जरूरत थी। छात्रों को 20 किलोमीटर दूर भेजना अव्यवहारिक है और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
वहीं, कॉलेज की छात्रा दिशा प्रसाद ने भावुक होते हुए कहा कि यदि यह फैसला वापस नहीं हुआ, तो उनके जैसे कई छात्रों का सपना टूट जाएगा क्योंकि उनके परिजन उन्हें इतनी दूर भेजने की अनुमति नहीं देंगे।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई है कि शिक्षा विभाग के इस जनविरोधी आदेश को तत्काल रद्द किया जाए। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन पूरे शहर में उग्र रूप धारण करेगा।
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