सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा दावा वायरल हो रहा है जिसने हर घर की रसोई में चिंता बढ़ा दी है। वायरल पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि रोजाना बर्तन धोने के लिए इस्तेमाल होने वाला किचन स्क्रबर या स्पंज कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की वजह बन सकता है।
चूंकि यह एक ऐसी चीज है जो हर घर की रसोई में मौजूद रहती है और प्लेट, कटोरी से लेकर हमारे हाथों तक के संपर्क में आती है, इसलिए लोगों में डर का माहौल है। लेकिन क्या वाकई इस दावे में कोई सच्चाई है? आइए जानते हैं विज्ञान और डॉक्टर्स इस पर क्या कहते हैं।
स्क्रबर में पनपते हैं लाखों बैक्टीरिया, पर ‘कैंसर’ का दावा क्यों?
दरअसल, ‘किचन स्पंज कैंसर’ जैसी कोई मेडिकल बीमारी या वैज्ञानिक शब्द नहीं है। यह पूरी तरह से सोशल मीडिया पर फैलाया गया एक सनसनीखेज दावा है।
लोग इस दावे को इसलिए सच मान रहे हैं क्योंकि कुछ समय पहले नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) में एक स्टडी प्रकाशित हुई थी। इस रिसर्च के मुताबिक:
- गीला और लंबे समय तक इस्तेमाल होने वाला किचन स्पंज बैक्टीरिया और माइक्रोब्स (सूक्ष्मजीवों) के पनपने के लिए सबसे अनुकूल जगह बन जाता है।
- एक गंदे स्पंज में लाखों की संख्या में बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं।
- लेकिन ध्यान रहे: इस स्टडी में कहीं भी यह नहीं कहा गया कि ये बैक्टीरिया सीधे तौर पर कैंसर का कारण बनते हैं।
एक्सपर्ट की राय: डरें नहीं, मिथक और विज्ञान का फर्क समझें
टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) से बातचीत में डॉ. अभिजीत कोटाबागी ने इस वायरल दावे की सच्चाई बताते हुए कहा:
किचन स्पंज को कैंसर से जोड़ना सिर्फ डर पैदा करने का तरीका है। विज्ञान और मिथक के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है। यह सच है कि स्पंज को साफ न रखने या समय पर न बदलने से उसमें बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, लेकिन अभी तक ऐसा कोई भी साइंटिफिक प्रमाण (वैज्ञानिक सबूत) नहीं मिला है जो यह साबित करे कि किचन स्पंज सीधे कैंसर का कारण बनता है।”
कैंसर नहीं, बल्कि इस बड़ी बीमारी का है खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक, गंदे स्क्रबर से कैंसर तो नहीं होता, लेकिन खराब किचन हाइजीन (रसोई की साफ-सफाई) के कारण पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- फूड पॉइजनिंग: गंदे स्पंज के जरिए हानिकारक बैक्टीरिया बर्तनों और फिर खाने तक पहुंच जाते हैं।
- पेट का संक्रमण (Stomach Infection): दूषित बर्तनों में खाने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द और इंफेक्शन की समस्या हो सकती है।
खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये 4 आसान टिप्स
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस खतरे से बचना बेहद आसान है। बस आपको बर्तन धोने और किचन साफ करने का अपना तरीका थोड़ा बदलना होगा:
- समय पर बदलें स्क्रबर: किचन स्पंज या स्क्रबर को हर 1 से 2 हफ्ते में जरूर बदल दें।
- सूखने दें: इस्तेमाल करने के बाद स्पंज को निचोड़कर ऐसी जगह रखें जहां वह पूरी तरह सूख सके। नमी में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं।
- गर्म पानी से सफाई: स्क्रबर को कीटाणुमुक्त करने के लिए समय-समय पर उसे गर्म पानी या कीटाणुनाशक से साफ करते रहें।
- अलग-अलग रखें: बर्तन धोने के लिए अलग और किचन की स्लैब (प्लेटफॉर्म) साफ करने के लिए अलग स्क्रबर का इस्तेमाल करें।
सोशल मीडिया के इस दावे से डरने की जरूरत नहीं है। किचन स्क्रबर से कैंसर नहीं होता, लेकिन पेट की बीमारियों से बचने के लिए हाइजीन का ध्यान रखना और समय पर स्क्रबर बदलना बेहद जरूरी है।
