घाटशिला कॉलेज में मंगलवार को उलगुलान के प्रणेता और महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा का शहादत दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर. के. चौधरी ने बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद उपस्थित अन्य प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
ब्रिटिश शोषण के खिलाफ उलगुलान का किया नेतृत्व: प्राचार्य
इस मौके पर छात्र-छात्राओं और कर्मियों को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. आर. के. चौधरी ने कहा:
“भगवान बिरसा मुंडा ने राष्ट्र निर्माण में जनजातीय समाज के लोगों को एकजुट किया और ब्रिटिश शोषण के खिलाफ ऐतिहासिक ‘उलगुलान’ का नेतृत्व किया। उनका संघर्ष ब्रिटिश काल में राष्ट्रीय जागरूकता जगाने का माध्यम बना। उनकी विरासत आज भी युवाओं के लिए एक महान प्रेरणा स्रोत है।”
प्राचार्य ने आगे कहा कि बिरसा मुंडा की प्रशासनिक नीतियां मुख्य रूप से आदिवासी समाज में सुधार लाने और ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष पर केंद्रित थीं। उनकी यही अटूट विरासत आज भी जन-जन में जीवित है। यही कारण है कि पूरे राज्य में प्रत्येक वर्ष 15 नवंबर को उनकी जयंती और 9 जून को उनका शहादत दिवस पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
इस गरिमामयी अवसर पर कॉलेज के कई गणमान्य प्राध्यापक, कर्मचारी और एनसीसी कैडेट्स मुख्य रूप से उपस्थित थे, जिनमें शामिल हैं:
- डॉ. डीसी राम, डॉ. महेश्वर प्रमाणिक, डॉ. सिंगो सोरेन, डॉ. रुचि स्मिता, डॉ. सरयू पॉल, डॉ. चिरंतन महतो।
- समीर कुमार, अधर चंद घोष, सोनाली हेम्ब्रम, सेबिका चक्रवर्ती, वशी अहमद, पिंटू मंडल, दीपक विश्वास, प्रियंका दत्ता, अजय मार्डी, रमेश मुर्मू, बबलू महाली, गुना राम मुर्मू, दीपक टोप्पो, राजेश हेंब्रम, अशोक राय, और सूर्यदेव टुडू।
