झारखंड की उपराजधानी दुमका में बिजली और पानी की बदतर स्थिति को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव से त्रस्त जनता की आवाज उठाते हुए भाजपा ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा नेताओं ने जनाक्रोश रैली और धरना प्रदर्शन के जरिए सरकार की घेराबंदी करते हुए इसे हर मोर्चे पर विफल करार दिया।
कार्यक्रम के प्रभारी और पूर्व मंत्री राज पालीवार ने सरकार को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली और पानी की किल्लत का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो भाजपा सरकार को चैन से बैठने नहीं देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी बूंद-बूंद पानी और घंटों बिजली कटौती से परेशान है, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है।
“ज्यादा दिनों की मेहमान नहीं है यह सरकार”
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभयकांत प्रसाद ने हेमंत सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में प्रशासनिक अराजकता का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के मंत्री आपस में ही वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं, जिससे विकास कार्य ठप हैं। अभयकांत प्रसाद ने कहा, “यह सरकार अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाली। अगर जनता की समस्याओं को अनसुना किया गया, तो भाजपा पूरे राज्य को ठप करने का काम करेगी।”
जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि चापानल लगाने के लिए ऊंट के मुंह में जीरे के समान आवंटन दिया जा रहा है। एक प्रखंड की 27 पंचायतों के बीच मात्र कुछ चापानलों का विकल्प देना जनता के साथ भद्दा मजाक है। उन्होंने नोनीहाट का उदाहरण देते हुए कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान भी दो-दो दिनों तक बिजली गुल रहना सरकार की प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल सांकेतिक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र होगा जब तक कि दुमका की जनता को उनका हक नहीं मिल जाता।
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