अगर आपको कभी ऐसा महसूस हुआ है कि पहले पानी जैसे दस्त हुए और फिर कई दिनों तक भयानक कब्ज बनी रही, तो इसे सामान्य पेट खराबी समझकर नजरअंदाज करने की भूल बिल्कुल न करें। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह उलझा देने वाली स्थिति किसी गंभीर बीमारी का इशारा हो सकती है। मेडिकल भाषा में इसे ‘ओवरफ्लो डायरिया’ (Overflow Diarrhoea) कहा जाता है, जो कुछ मामलों में कोलन कैंसर (बड़ी आंत का कैंसर) का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।
क्या है ओवरफ्लो डायरिया?
लेक एरी कॉलेज ऑफ ऑस्टियोपैथिक मेडिसिन के बोर्ड-सर्टिफाइड गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ सालहाब के अनुसार, ओवरफ्लो डायरिया सुनने में भले ही दस्त जैसी समस्या लगे, लेकिन यह वास्तव में गंभीर कब्ज (Severe Constipation) का ही एक रूप है।
जब बड़ी आंत (Colon) में लंबे समय तक सख्त मल जमा रहता है और बाहर नहीं निकल पाता, तब आंतों से निकलने वाला लिक्विड या पानी उस सख्त मल के आसपास से रास्ता बनाकर बाहर निकलता है। चूंकि इस पानी का कोई ठोस आकार नहीं होता, इसलिए यह पतले दस्त जैसा दिखाई देता है। कई दिनों तक मल त्याग न होने के बाद अचानक पानी जैसे दस्त होना इसी स्थिति का मुख्य संकेत है।
इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि आपको ओवरफ्लो डायरिया की शिकायत है, तो आपको नीचे दिए गए लक्षणों पर विशेष ध्यान देना चाहिए:
- पेट में तेज दर्द और मरोड़ होना
- पेट का अत्यधिक फूलना (Bloating)
- जी मिचलाना या उल्टी महसूस होना
- मल का अनियंत्रित रिसाव होना
- बार-बार बेहद पतले दस्त होना
ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। गंभीर मामलों में डॉक्टर शारीरिक परीक्षण, पेट का एक्स-रे (X-Ray), सीटी स्कैन (CT Scan) या ब्लड टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।
कोलन कैंसर से क्या है इसका कनेक्शन?
कुछ मामलों में कोलन कैंसर भी ओवरफ्लो डायरिया जैसे लक्षणों के रूप में सामने आ सकता है। जब कोलन में ट्यूमर के कारण रुकावट या सिकुड़न आने लगती है, तो कब्ज और दस्त का यह चक्र शुरू हो जाता है।
कैंसर के ‘रेड फ्लैग’ संकेत: यदि ओवरफ्लो डायरिया के साथ आपको ये लक्षण भी दिख रहे हैं, तो तुरंत सतर्क हो जाएं:
- बिना किसी कारण के वजन का तेजी से कम होना।
- मल (Stool) के साथ खून आना।
- शरीर में खून की कमी (एनीमिया) होना।
- लगातार कब्ज की समस्या बढ़ते जाना।
ऐसी स्थिति में घरेलू नुस्खे आजमाने या बिना डॉक्टरी सलाह के बाजार से दवाइयां (जैसे दस्त रोकने की दवा) खाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से समस्या और गंभीर हो सकती है। अगर यह दिक्कत लगातार बनी हुई है, तो सही जांच और विशेषज्ञ की सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
