मखाना सेहत के लिए वरदान, लेकिन इन 5 समस्याओं में बन सकता है ‘विलेन’; जानें कब दूरी बनाना है बेहतर

खाने में मौजूद विटामिन-के ब्लड क्लॉटिंग की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है

Johar News Times
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मखाना (Fox Nuts) सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा हेल्दी स्नैक्स बन चुका है। कम कैलोरी, भरपूर फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों के कारण इसे ‘सुपरफूड’ का दर्जा मिला हुआ है। वजन घटाने से लेकर दिल की सेहत दुरुस्त रखने और ब्लड शुगर कंट्रोल करने तक, मखाने के अनगिनत फायदे हैं। लेकिन कहते हैं न कि हर हेल्दी चीज हर किसी के लिए फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ खास मेडिकल कंडीशंस या स्वास्थ्य समस्याओं में मखाने का सेवन फायदे की जगह भारी नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं कि किन लोगों को मखाने से दूरी बनानी चाहिए या इसका सेवन बेहद सीमित करना चाहिए।

1. पेट की दिक्कतें

मखाने में फाइबर की मात्रा काफी अच्छी होती है, जो सामान्य तौर पर पाचन तंत्र के लिए बेहतरीन मानी जाती है। लेकिन अगर आप अक्सर पेट फूलने (ब्लोटिंग), गैस या पेट में भारीपन की समस्या से परेशान रहते हैं, तो मखाना आपकी दिक्कत बढ़ा सकता है।

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) या इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) जैसी गंभीर पेट की बीमारियों से पीड़ित लोगों में मखाने का फाइबर पेट दर्द, मरोड़ और गैस की समस्या को ट्रिगर कर सकता है।

2. हाई यूरिक एसिड और गाउट

जिन लोगों का यूरिक एसिड बढ़ा रहता है या जो गाउट (गठिया) की बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्हें मखाना खाते समय बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। मखाने में मध्यम मात्रा में प्यूरिन (Purine) पाया जाता है। शरीर में प्यूरिन के टूटने से ही यूरिक एसिड बनता है। ऐसे में मखाने का अधिक सेवन जोड़ों में दर्द और सूजन को और बढ़ा सकता है।

3. किडनी स्टोन (पथरी) का खतरा

जिन लोगों को किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) की शिकायत रही है या डॉक्टर ने उन्हें इसके प्रति आगाह किया है, उन्हें मखाना सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। मखाने में ऑक्सालेट (Oxalate) मौजूद होते हैं, जो कैल्शियम के साथ मिलकर किडनी में स्टोन बनाने का जोखिम बढ़ा देते हैं।

4. नट्स और सीड्स से एलर्जी की समस्या

कई लोगों को मखाने से सीधे तौर पर या क्रॉस-रिएक्शन के कारण एलर्जी हो सकती है। जर्नल ऑफ एलर्जी एंड क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, बीजों में मौजूद प्रोटीन अन्य एलर्जी पैदा करने वाले फूड्स के साथ मिलकर शरीर में रिएक्शन कर सकते हैं।

  • लक्षण: यदि मखाना खाने के बाद त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते, चेहरे या गले में सूजन या सांस लेने में तकलीफ हो, तो इसका सेवन तुरंत बंद कर दें।

5. खून पतला करने वाली दवाएं

यदि आप किसी बीमारी के कारण खून पतला करने की दवाएं (जैसे एस्पिरिन या वारफारिन आदि) ले रहे हैं, तो मखाने को रूटीन डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। मखाने में मौजूद विटामिन-के (Vitamin K) ब्लड क्लॉटिंग (खून का थक्का बनने) की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, जिससे इन दवाओं का असर कम या ज्यादा हो सकता है।

तो क्या मखाना खाना छोड़ दें?

बिलकुल नहीं! मखाना सेहत के लिए एक बेहतरीन स्नैक है जो दिल की सेहत, वजन नियंत्रण और डायबिटीज मैनेजमेंट में बहुत मददगार है। लेकिन आपकी बॉडी टाइप और मेडिकल हिस्ट्री क्या है, यह जानना बेहद जरूरी है। यदि आप ऊपर बताई गई किसी भी समस्या से ग्रसित हैं, तो मखाने का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।

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