सरायकेला : जिले के चांडिल थाना क्षेत्र से एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना सामने आई है। चिलगु भुइयाडीह स्थित गैलेप्शी इंगोट प्लांट में सोमवार दोपहर अचानक फर्नेस भट्टी ब्लास्ट हो गई। इस भीषण विस्फोट और आग की लपटों की चपेट में आने से वहां कार्यरत दो मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा दोपहर करीब 2 बजे के आसपास हुआ। घायल हुए दोनों श्रमिक मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं।
तेज धमाके के साथ फटी भट्टी, मची अफरा-तफरी
मिली जानकारी के अनुसार, बादल और पुजारी नाम के दो श्रमिक रोज की तरह प्लांट के फर्नेस (भट्टी) विभाग में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान अचानक भट्टी के भीतर एक जोरदार ब्लास्ट हुआ। धमाका इतना तेज था कि भट्टी से निकली पिघली धातु और आग की लपटों ने दोनों मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए।
जमशेदपुर के TMH में कराया गया भर्ती
हादसे के फौरन बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। साथी कर्मियों और प्लांट प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए टाटा मेन हॉस्पिटल , जमशेदपुर भेजा। अस्पताल में दोनों मजदूरों को बर्न वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों श्रमिकों की स्थिति गंभीर बनी हुई है, लेकिन फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल, मुआवजे की मांग
इस खौफनाक हादसे के बाद प्लांट में काम करने वाले अन्य मजदूरों और श्रमिक संगठनों में भारी आक्रोश है।
- मजदूरों का कहना है कि फर्नेस जैसी अति-संवेदनशील जगह पर सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
- आरोप है कि भट्टी का समय-समय पर तकनीकी मेंटेनेंस नहीं कराया जाता, जिसके कारण ऐसे हादसे होते हैं।
- मजदूर संगठनों ने जिला प्रशासन और श्रम विभाग से मांग की है कि फैक्ट्री इंस्पेक्टर की टीम भेजकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और घायल मजदूरों को उचित मुआवजा मिले।
प्रबंधन ने साधी चुप्पी
इस गंभीर हादसे को लेकर गैलेप्शी इंगोट प्लांट प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई भी आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। जिले में लगातार हो रही इस तरह की औद्योगिक दुर्घटनाओं ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की सुरक्षा और दावों की पोल खोल कर रख दी है।
