द्वितीय पुण्यतिथि पर झामुमो संपर्क कार्यालय में भावभीनी श्रद्धांजलि, युवाओं को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान,
घाटशिला के पूर्व विधायक (1962-1967) एवं भारतीय कम्युनिस्ट आंदोलन के वरिष्ठ नेता कामरेड वास्ता सोरेन की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर झामुमो संपर्क कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके योगदान को स्मरण किया।
वरिष्ठ नेता जगदीश भकत ने कहा कि कामरेड वास्ता सोरेन केवल एक नाम नहीं, बल्कि जनसंघर्ष, सामाजिक न्याय और जनसेवा की एक सशक्त विचारधारा थे। पार्टी में उन्हें एक शिक्षक, मार्गदर्शक और संगठन के मजबूत स्तंभ के रूप में सम्मान प्राप्त था। उनका व्यक्तित्व अत्यंत सरल, मृदुभाषी और जनसरोकारों के प्रति समर्पित था, जिसने उन्हें जनता के बीच विशेष पहचान दिलाई।
श्रद्धांजलि सभा में उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि वर्ष 1954-55 में जब कम्युनिस्ट पार्टी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, तब भी कामरेड वास्ता सोरेन के नेतृत्व में कार्यकर्ता गुप्त रूप से जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाते रहे। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने सिद्धांतों और जनसेवा के संकल्प से कभी समझौता नहीं किया।
आगे उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को कामरेड वास्ता सोरेन के जीवन, संघर्ष, सादगी और वैचारिक प्रतिबद्धता से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उनके आदर्श समाज निर्माण की दिशा में आज भी प्रासंगिक हैं।
आज उनका परिवार उनके पुत्र, पुत्री एवं पुत्रवधु डॉक्टर है,
एवं एक शिक्षक है। सभी प्रतिष्ठित एवं सम्मानित है ।
“कामरेड वास्ता सोरेन का जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा की ऐसी मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।”
इस अवसर पर जिला सचिव रतन महतो, वरिष्ठ नेता जगदीश भगत, विकास मजूमदार, बाबूलाल मुर्मू, सोमेन मिश्रा,सागर पानी, राजा सिंह, सौरभ बोस, जितेन दास, सतीश शीत, अभिजीत विश्वास, चंदन कालिंदी, काला चांद सरकार, अंकुर कावरी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।
