जनसहयोग से शुरू हुआ सरस्वतिया नदी पुनर्जीवन अभियान, मशीनों के साथ मैदान में उतरे सामाजिक संगठन और नागरिक
गढ़वा : जहां एक ओर दुनिया भर में पर्यावरण संकट, सूखती नदियों और ग्लोबल वार्मिंग को लेकर बड़े-बड़े मंचों पर चर्चा हो रही है, वहीं झारखंड के गढ़वा जिले से प्रकृति संरक्षण की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। गढ़वा सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार की पहल पर शुरू हुआ “आपन सरस्वतिया” अभियान अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। गंगा दशहरा के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य गढ़वा की ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर मानी जाने वाली सरस्वतिया नदी को पुनर्जीवित करना है। यह केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि नदी को गाद और गंदगी से मुक्त कर उसका अस्तित्व बचाने की बड़ी मुहिम बन गई है।
सरकारी प्रक्रिया का इंतजार नहीं, जनसहयोग से शुरू हुआ अभियान
अक्सर नदी संरक्षण और पर्यावरण से जुड़ी योजनाएं सरकारी प्रक्रियाओं और बजट के इंतजार में लंबे समय तक अटक जाती हैं, लेकिन गढ़वा में इस बार अलग तस्वीर देखने को मिली। एसडीएम संजय कुमार ने मानसून से पहले तत्काल कार्रवाई की जरूरत को समझते हुए सामाजिक और व्यावसायिक संस्थाओं से सहयोग की अपील की। उनकी इस अपील का असर ऐसा हुआ कि विभिन्न संगठनों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। इसके बाद सरस्वतिया नदी तट पर पोकलेन और जेसीबी मशीनों के जरिए गाद हटाने का अभियान शुरू कर दिया गया।
पहले ही दिन दिखी जनभागीदारी की मिसाल
अभियान के पहले दिन ही जनसहभागिता की अनोखी मिसाल देखने को मिली। शिवालया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड ने नदी की सफाई के लिए अपनी पोकलेन मशीन नि:शुल्क उपलब्ध कराई। वहीं नगर परिषद गढ़वा ने जेसीबी मशीन और सफाई कर्मियों की टीम को अभियान में लगाया। इसके अलावा गढ़वा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने मशीनों और वाहनों के लिए डीजल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संभाली, ताकि अभियान बिना रुकावट जारी रह सके।
नदी तट पर खुद मौजूद रहे एसडीएम
एसडीएम संजय कुमार खुद नदी तट पर मौजूद रहकर पूरे कार्य की निगरानी करते नजर आए। उन्होंने इस अभियान में शामिल सभी संस्थाओं और नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि सरस्वतिया नदी गढ़वा शहर की जीवनरेखा और ऐतिहासिक धरोहर है। इसके संरक्षण के लिए प्रशासन और समाज दोनों की साझी भागीदारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों से भी समन्वय स्थापित कर सहयोग मांगा जा रहा है, लेकिन मानसून नजदीक होने के कारण जनसहयोग से तत्काल अभियान शुरू किया गया है।
सामाजिक संगठनों और युवाओं ने संभाली जिम्मेदारी
अभियान को सफल बनाने में शिवालया कंस्ट्रक्शन के बृजेश कुमार यादव, नगर परिषद के नगर प्रबंधक ओमकार यादव, गढ़वा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आद्याशंकर पांडेय, संतोष दुबे, वीरेंद्र कुमार और मनीष कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा युवा सामाजिक कार्यकर्ता सोनू सिंह और अभिषेक भारद्वाज भी अभियान में सक्रिय रूप से जुटे रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह प्रशासन और समाज मिलकर काम करते रहे, तो सूखती नदियों को नया जीवन देने की दिशा में यह अभियान पूरे राज्य के लिए मिसाल बन सकता है।
