जमशेदपुर/मानगो: जमशेदपुर के मानगो में बन रहा एलिवेटेड कॉरिडोर अब राहगीरों के लिए ‘मौत का जाल’ बनता जा रहा है। गुरुवार को ओम टावर (डिमना चौक से बिग बाजार मार्ग) के पास निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा की इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को लगभग खत्म ही कर दिया होता।

सैकड़ों किलो का एंगल और ‘चमत्कारी’ बचाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माणाधीन कॉरिडोर के ऊपर से सैकड़ों किलो वजनी लोहे का एक विशाल एंगल अचानक अनियंत्रित होकर नीचे सड़क पर गिर गया। यह एंगल सीधे नीचे से गुजर रही एक कार पर जा गिरा। कार में पूरा परिवार सवार था। गनीमत यह रही कि एंगल कार के उस हिस्से पर नहीं गिरा जहाँ लोग बैठे थे, वरना आज शहर एक हृदयविदारक घटना का गवाह बनता।
सुरक्षा नियमों की ‘खुलेआम धज्जियाँ’
हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:
- लापरवाह मैनेजमेंट: निर्माण कार्य के दौरान नीचे से गुजरने वाले ट्रैफिक के लिए कोई सुरक्षा नेट (Safety Net) या बैरिकेडिंग नहीं की गई है।
- बिना सुरक्षा उपकरण के मजदूर: मौके पर काम कर रहे मजदूर बिना हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट के जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं।
- अधिकारियों की बेरुखी: इतनी बड़ी घटना के बाद भी निर्माण कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी घंटों तक मौके पर नहीं पहुँचा, जिससे लोग और उग्र हो गए।
सड़क पर उतरे लोग, घंटों लगा रहा जाम
प्रशासन और कंपनी की इस संवेदनहीनता के खिलाफ स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दी। जाम के कारण मानगो-डिमना रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीषण गर्मी में आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। लोगों की मांग है कि जब तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होते, तब तक भीड़भाड़ वाले इलाकों में काम बंद रखा जाए।
सवाल जो जवाब मांगते हैं:
- क्या टाटा-जमशेदपुर जैसे शहर में विकास के नाम पर लोगों की जान दांव पर लगाना अनिवार्य है?
- बार-बार हो रही इन छोटी घटनाओं के बाद भी जिला प्रशासन और निर्माण कंपनी किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार क्यों कर रहे हैं?
- दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
जोहार न्यूज़ टाइम्स प्रशासन से मांग करता है कि एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण में सुरक्षा मानकों की तुरंत समीक्षा की जाए। joharnewstimes.com















