गुआ: “आदिवासी मजदूरों के हक पर कोई समझौता नहीं!” – पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने सेल प्रबंधन को ललकारा; 20 अप्रैल से चक्का जाम की चेतावनी

Johar News Times
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चाईबासा/गुआ: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुआ में सेल (SAIL) प्रबंधन के खिलाफ मानकी-मुंडा के बैनर तले स्थानीय आदिवासियों और रैयतों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। 15 अप्रैल से जारी इस तीन दिवसीय भूख हड़ताल के दूसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने आंदोलन स्थल पर पहुँचकर अपना समर्थन दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि प्रबंधन ने रैयतों की मांगें नहीं मानीं, तो 20 अप्रैल से पूरा क्षेत्र ठप कर दिया जाएगा।

“आंदोलन की आड़ में स्वार्थ साधने वालों से बचें”

अपने संबोधन में मधु कोड़ा ने आंदोलन को कमजोर करने वाले तत्वों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने ग्रामीणों को आगाह करते हुए कहा कि ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है जो एक तरफ आंदोलनकारियों के साथ खड़े होने का दिखावा करते हैं और दूसरी तरफ चुपके से प्रबंधन के साथ मिलकर ठेका, टेंडर, ट्रांसपोर्टिंग और लोडिंग का काम हासिल करने में जुटे रहते हैं। उन्होंने इसे आदिवासी समाज के साथ विश्वासघात बताया।

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प्राथमिकता के आधार पर मिले रोजगार

पूर्व मुख्यमंत्री ने सेल प्रबंधन के समक्ष कड़े शब्दों में अपनी मांगें रखीं:

  • रैयतों को हक: जिन आदिवासी परिवारों की जमीन खनन के लिए ली गई है, उन्हें सबसे पहले स्थायी रोजगार दिया जाए।
  • प्रभावित किसान: खनन कार्य के कारण जिन ग्रामीणों के खेत और फसलें प्रभावित हो रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कंपनी में काम मिले।
  • मजदूरों का मान: स्थानीय ग्रामीण मजदूरों के रोजगार के हक पर किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

20 अप्रैल का अल्टीमेटम: “सड़क पर उतरकर करूँगा समर्थन”

मधु कोड़ा ने प्रबंधन को चेतावनी दी कि भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की सभी मांगों को अविलंब स्वीकार किया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा— “यदि 20 अप्रैल तक मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो वे स्वयं सड़क पर उतरेंगे और चक्का जाम आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।”

भूख हड़ताल का आखिरी दिन कल

बता दें कि मानकी-मुंडा और स्थानीय मजदूरों का यह भूख हड़ताल कार्यक्रम 17 अप्रैल तक चलेगा। प्रशासन और सेल प्रबंधन के लिए यह अल्टीमेटम एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि चक्का जाम होने से खनन गतिविधियों पर सीधा असर पड़ सकता है।


जोहार न्यूज़ टाइम्स इस आंदोलन और 20 अप्रैल को होने वाले संभावित चक्का जाम की हर हलचल पर नज़र बनाए हुए है। joharnewstimes.com

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