पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुदुचेरी और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना सोमवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच होगी। चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी राज्यों में कुल 77 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं, जहां पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ वोटों की गिनती कराई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, सभी केंद्रों पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। हर मतगणना केंद्र पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ सीसीटीवी और निगरानी प्रणाली से लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका न रहे। मतगणना की शुरुआत डाक मतपत्रों की गिनती से होगी, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के वोटों की गिनती की जाएगी। उम्मीदवार, उनके एजेंट और चुनाव पर्यवेक्षक भी प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहेंगे। सुबह से ही शुरुआती रुझान आने लगेंगे, जबकि दोपहर तक अधिकांश सीटों के परिणाम स्पष्ट होने की संभावना है। प्रशासन पूरी प्रक्रिया पर सतर्क निगरानी बनाए हुए है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के काउंटिंग एजेंटों को अहम निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिन बूथों पर भाजपा 500 से 700 वोट या उससे अधिक अंतर से आगे हो, वहां तुरंत दोबारा मतगणना की मांग की जाए। यह निर्देश उन्होंने सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं और एजेंटों के साथ हुई वर्चुअल बैठक में दिए। ममता बनर्जी ने कहा कि सभी एजेंट रविवार रात ही मतगणना केंद्रों के आसपास मौजूद रहें और सोमवार सुबह समय से पहले केंद्रों पर पहुंचें। उन्होंने मतगणना के दौरान पूरी सतर्कता बरतने और हर चरण पर नजर रखने के निर्देश भी दिए। एजेंटों को नोटबुक और पेन साथ रखने तथा पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखने को कहा गया है। ममता बनर्जी ने भरोसा जताया कि तृणमूल कांग्रेस 200 से अधिक सीटें जीतने में सफल होगी।

झारखंड लोकसेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में सामने आई त्रुटियों को लेकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार सख्त हो गए हैं। लोकभवन की ओर से आयोग के अध्यक्ष एलबी खियांग्ते को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। पत्र में सहायक वन संरक्षक की मुख्य परीक्षा और सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों व उत्तर कुंजी में गलतियों का जिक्र किया गया है। कहा गया है कि ऐसी त्रुटियां अभ्यर्थियों में भ्रम पैदा करती हैं और परीक्षा की निष्पक्षता व विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं, जिससे आयोग की साख भी प्रभावित होती है। राज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधार और सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया है।

आज विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है, जो प्रेस की आजादी, निष्पक्ष पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करता है। यह दिन दुनियाभर में मीडिया की स्थिति का आकलन करने और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है। इस वर्ष का थीम “शांतिपूर्ण भविष्य का निर्माण” रखा गया है, जिसका उद्देश्य स्वतंत्र और जिम्मेदार पत्रकारिता के जरिए समाज में शांति, पारदर्शिता और भरोसे को मजबूत करना है। साथ ही यह दिवस पत्रकारिता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने का अवसर भी देता है। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1993 में की थी, जो यूनेस्को की 1991 की सिफारिश पर आधारित थी। तब से हर साल 3 मई को यह दिवस मनाया जाता है, ताकि मीडिया की स्वतंत्रता और लोकतंत्र को सशक्त किया जा सके।

सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत से सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान हाथीसिरिंग गांव निवासी विनीता बानरा के रूप में हुई है, जो स्वयं स्वास्थ्य सहिया थीं। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, प्रसव के समय अस्पताल में न बिजली थी और न ही डॉक्टर मौजूद थे, जिससे नर्सों को मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराना पड़ा। उनका कहना है कि हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर उचित इलाज नहीं मिला और न ही महिला को बड़े अस्पताल में रेफर किया गया। वहीं, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर डॉ. कुंकल ने इसे पोस्ट पार्टम हेमरेज का मामला बताया और कहा कि प्रसूता की स्थिति पहले से गंभीर थी। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और जांच की मांग उठाई है।

रांची में कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर गहरा असर पड़ा है। बढ़ती लागत के चलते कई संचालक अब गैस की जगह कोयले का उपयोग करने लगे हैं। 19 किलो वाले सिलिंडर की कीमत बढ़कर 3250.50 रुपये पहुंच गई है, जिससे गैस का इस्तेमाल अब सीमित हो गया है। 1 मई 2026 को केंद्र सरकार द्वारा 994 रुपये की बढ़ोतरी के बाद कारोबारियों की चिंता और बढ़ गई। जनवरी 2026 में यही सिलिंडर 1733 रुपये में मिल रहा था, यानी कुछ ही महीनों में कीमत लगभग दोगुनी हो गई है।
महंगी गैस के कारण संचालक कोयले का सहारा ले रहे हैं, जहां 20 किलो कोयले की बोरी 260 से 300 रुपये में मिल रही है। एक सप्ताह में करीब 1500 रुपये और महीने में 4000 से 5000 रुपये तक का कोयला खर्च हो रहा है। इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ा है और कई जगह खाने के दाम 20 से 30 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने रविवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उनकी पत्नी मीरा मुंडा भी साथ मौजूद रहीं। मुलाकात के दौरान अर्जुन मुंडा ने राष्ट्रपति को गुलदस्ता भेंट कर उनका अभिवादन किया। दोनों नेताओं के बीच देश और झारखंड से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक औपचारिक रूप से एक शिष्टाचार भेंट थी, जिसमें आपसी संवाद और विचारों का आदान-प्रदान किया गया। इस दौरान अर्जुन मुंडा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व की सराहना भी की और उनके कार्यों की प्रशंसा की। इस मुलाकात को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, इस शिष्टाचार भेंट की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जो फिलहाल चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

रांची यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। आरोप है कि मैनेजमेंट कोर्स के तीन छात्रों को डिग्री दिलाने के लिए नियमों को नजरअंदाज किया गया। इनमें प्रशांत किशोर, जो वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के पुत्र हैं, भी शामिल हैं। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने डिपार्टमेंट लिविंग सर्टिफिकेट जारी करने पर रोक लगा दी है। जानकारी के अनुसार, इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के 2011-13 बैच के इन छात्रों ने थर्ड सेमेस्टर तक पढ़ाई की थी, लेकिन फाइनल परीक्षा नहीं दे सके थे। नियम के मुताबिक, दो वर्षीय कोर्स अधिकतम 4 साल में पूरा करना जरूरी होता है, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन समाप्त हो जाता है। इसके बावजूद वर्ष 2021 में, यानी करीब 6 साल बाद, इन छात्रों को फाइनल परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई। चौंकाने वाली बात यह भी है कि परीक्षा डोरंडा कॉलेज से दिलाई गई, जिससे विवाद और गहरा गया है।

धनबाद के मुनिडीह कोल वाशरी हादसे में चार श्रमिकों की मौत के बाद मुआवजे और पुनर्वास को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड प्रबंधन, मृतकों के आश्रितों और ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
समझौते के अनुसार प्रत्येक मृतक के पात्र आश्रित को कुल 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। इसमें 10 लाख रुपये 10 दिनों के भीतर और शेष 10 लाख रुपये 20 दिनों के अंदर दिए जाएंगे। इसके अलावा अंतिम संस्कार के लिए 75 हजार रुपये भी प्रदान किए जाएंगे। हर परिवार से एक पात्र सदस्य को मुनिडीह परियोजना में एचपीसी वेतन पर संविदा नौकरी दी जाएगी। साथ ही चिकित्सा सुविधा और अन्य लाभ भी मिलेंगे। बच्चों को डीएवी स्कूल में प्रवेश के लिए सहायता दी जाएगी। हादसे की जांच के लिए स्वतंत्र टीम गठित कर जिम्मेदारी तय करने और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

नई दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे में 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और घायलों को गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राहत दल मौके पर पहुंचे। आग तेजी से दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल तक फैल गई, जिससे कई लोग अंदर फंस गए। बचाव अभियान के दौरान लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन 9 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। आग बुझाने के लिए 12 दमकल गाड़ियों को लगाया गया और घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रण में आई। तलाशी के दौरान अलग-अलग मंजिलों से शव बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में एसी विस्फोट या शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है।

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