खूंटपानी, पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड के मटकोबेडा में जेएसएलपीएस के इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) के तहत आजीविका सेवा केंद्र (एलएससी) का उद्घाटन किया गया। स्थानीय विधायक दशरथ गागराई ने फीता काटकर केंद्र का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर विधायक ने कहा कि आजीविका सेवा केंद्र के माध्यम से किसानों और ग्रामीण परिवारों को कृषि व आजीविका से जुड़ी विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर लाभुकों तक योजनाओं का समेकित लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में जेएसएलपीएस के बीपीएम ग्रेगोरी तिग्गा ने बताया कि इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर परियोजना का उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों से जोड़ना, उत्पादन बढ़ाना, लागत कम करना और बाजार से जोड़कर उनकी आय सुदृढ़ करना है। एलएससी के माध्यम से किसानों को सब्जी खेती, बकरी पालन, मुर्गी-बतख पालन और अंडा उत्पादन जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
इस मौके पर परिषद सदस्य जमुना तियु, मुखिया माधुरी हेंब्रम, बासंती गागराई सहित कई जनप्रतिनिधि और महिला समूह की सदस्याएं उपस्थित रहीं।
1200 किसानों को मिलेगा लाभ
खूंटपानी प्रखंड में चार आईएफसी के माध्यम से 16 गांवों के करीब 1200 किसानों को जोड़ा जा रहा है। पहले चरण में 776 किसान सब्जी की खेती कर रहे हैं, जिन्हें 80 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया गया है।
अंडा उत्पादन और प्रोसेसिंग यूनिट की भी पहल

खूंटपानी, शारदा और मटकोबेडा आईएफसी में अंडा उत्पादन के लिए लेयर बर्ड यूनिट स्थापित किए गए हैं, जहां जल्द उत्पादन शुरू होगा। इसके अलावा शारदा क्षेत्र में दाल और मसाला प्रसंस्करण यूनिट भी अंतिम चरण में है।
इस पहल से क्षेत्र में न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

















