दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत मिलेगा पद्मभूषण, राष्ट्रपति भवन में पत्नी रूपी सोरेन ग्रहण करेंगी सम्मान

Johar News Times
3 Min Read

झारखंड अलग राज्य आंदोलन के महानायक, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पदमभूषण’ (मरणोपरांत) से नवाजा जा रहा है। देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित एक गरिमामय और विशेष नागरिक सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। शिबू सोरेन की ओर से उनकी धर्मपत्नी रूपी सोरेन इस सर्वोच्च सम्मान को ग्रहण करेंगी।

बहू कल्पना सोरेन भी रहीं मौजूद, दिल्ली में जुटे परिवार के सदस्य

इससे पहले राजनीतिक गलियारों और मीडिया में चर्चा थी कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद अपने पिता का यह सम्मान लेने दिल्ली जा सकते हैं। हालांकि, झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि पारिवारिक और आधिकारिक निर्णय के अनुसार, दिशोम गुरु की पत्नी रूपी सोरेन ही इस सम्मान को प्राप्त करेंगी। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए शिबू सोरेन की पुत्रवधू और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी रूपी सोरेन के साथ सोमवार को ही दिल्ली रवाना हो गई थीं।

जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों के संघर्ष को मिला राष्ट्रीय सम्मान

केंद्र सरकार द्वारा शिबू सोरेन को यह सम्मान सार्वजनिक जीवन में उनके अद्वितीय और दीर्घकालिक योगदान के लिए दिया जा रहा है।

  • ऐतिहासिक संघर्ष: उन्होंने तत्कालीन बिहार से अलग कर ‘झारखंड राज्य’ के गठन के लिए दशकों तक चले अहिंसक और उग्र दोनों ही आंदोलनों का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया।
  • आदिवासी अस्मिता: उन्होंने जल, जंगल, जमीन की रक्षा और सूदखोरों व महाजनों के खिलाफ आदिवासियों के अधिकारों की आवाज बुलंद की। उनके इसी जुझारू नेतृत्व के कारण समाज ने उन्हें ‘दिशोम गुरु’ (देश के गुरु) की उपाधि दी।

यादें शेष: बता दें कि झारखंड की राजनीति के इस सबसे बड़े स्तंभ का 4 अगस्त 2025 को लंबी बीमारी के बाद 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। केंद्र सरकार ने 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उन्हें मरणोपरांत पद्मभूषण देने की आधिकारिक घोषणा की थी।

पूरे झारखंड और समर्थकों के लिए अत्यंत भावुक व गौरव का क्षण

दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के इस तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान से विभूषित किया जाना पूरे झारखंड के लिए बेहद गौरवशाली और एक भावुक क्षण है। उनके निधन के बाद मिल रहे इस बड़े राष्ट्रीय सम्मान को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राज्य के जनमानस में भारी उत्साह है। समर्थकों का कहना है कि यह सम्मान दिशोम गुरु के साथ-साथ झारखंड के हर उस आंदोलनकारी का सम्मान है जिसने राज्य गठन के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

Share This Article