‘प्रोजेक्ट परख’ से बदलेगी चाईबासा की शिक्षा व्यवस्था: उपायुक्त मनीष कुमार बोले- “विद्यार्थियों की मेहनत शेर की दहाड़ जैसी होनी चाहिए”

"चाईबासा में मैट्रिक 2027 फतह करने की तैयारी! उपायुक्त ने बच्चों को दिया 'शेर जैसी मेहनत' का गुरुमंत्र।"

Johar News Times
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जिले में वर्ष 2027 की 10वीं बोर्ड परीक्षा में ऐतिहासिक और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी सिलसिले में “प्रोजेक्ट परख: तैयारी उड़ान की” के तहत टाटा कॉलेज, चाईबासा के बहुउद्देशीय सभागार में एक भव्य जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस विशेष कार्यक्रम में जिले के सभी सरकारी विद्यालयों से चयनित टॉप-5 विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने हिस्सा लिया, जिससे शिक्षा के प्रति एक नया उत्साह देखने को मिला।

“आज की मेहनत संवारेगी पीढ़ियों का भविष्य”

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपायुक्त मनीष कुमार ने छात्र-छात्राओं में जोश भरते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा:

  • “सफलता पाने के लिए आपकी मेहनत किसी शेर की दहाड़ जैसी दमदार होनी चाहिए।”
  • अनुशासन, पूर्ण समर्पण और निरंतर अभ्यास ही बोर्ड परीक्षा में टॉप करने की असली चाबी हैं।
  • आज आप जो कड़ी मेहनत कर रहे हैं, वह न केवल आपका भविष्य संवारेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मिसाल और प्रेरणा बनेगी।

सकारात्मक सोच और लेखन अभ्यास पर जोर

उपायुक्त ने विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों से नियमित अध्ययन करने, उत्तर लिखने का बार-बार अभ्यास करने और हमेशा सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया।

शिक्षकों को भी दी खास नसीहत

विद्यार्थियों के साथ-साथ उपायुक्त ने राष्ट्र निर्माता शिक्षकों की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा:

“विद्यार्थियों की सफलता के पीछे शिक्षकों का सबसे अहम योगदान होता है। शिक्षकों को स्कूलों में ऐसा बेहतरीन और आत्मीय शैक्षणिक वातावरण तैयार करना चाहिए, जिससे विद्यार्थी जीवनभर अपने गुरुओं को याद रखें।”

इस कार्यशाला के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के सरकारी स्कूलों के बच्चे आगामी 2027 की बोर्ड परीक्षा में नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

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