सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना अंतर्गत कपाली ओपी क्षेत्र में इस वक्त भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। कपाली में एक के बाद एक दो बेहद गंभीर मामले सामने आने से पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ जहां कपाली की युवती तस्नीम खातून पिछले एक महीने से लापता है, वहीं दूसरी तरफ इसी मामले की जांच के नाम पर कपाली पुलिस द्वारा एक आदिवासी युवती के साथ बेरहमी से मारपीट का अमानवीय कृत्य सामने आया है।
इस घोर लापरवाही और बर्बरता को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस प्रशासन ने कपाली ओपी प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मामले के मुख्य बिंदु :
- कपाली निवासी तस्नीम खातून पिछले एक महीने से गायब है। बुधवार को आक्रोशित महिलाओं और पुरुषों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कपाली नगर निगम के उपाध्यक्ष से मिलकर बेटी की सकुशल बरामदगी के लिए मांग पत्र सौंपा।
- तस्नीम गुमशुदगी मामले में पूछताछ के लिए 15 जून 2026 को कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी की आदिवासी युवती अल्पना माहली को थाने बुलाया गया था।
- आरोप है कि कपाली ओपी में युवती अल्पना को घंटों एक कमरे में बंद कर, ‘मुर्गा’ बनाकर बेरहमी से पीटा गया। मारपीट के कारण पीड़िता के छाती और गुप्तांगों पर गंभीर चोटें आई हैं। उसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, डिमना में भर्ती कराया गया है।
- मानवाधिकार उल्लंघन और जन-आक्रोश के बाद कपाली ओपी प्रभारी धिरंजन कुमार, मोहम्मद मुकलेसुर रहमान और कंचन झा को निलंबित कर दिया गया है।
एक बेटी को ढूंढने में दूसरी बेटी पर ढाया जुल्म, धाराओं के तहत FIR की मांग
पीड़िता अल्पना माहली के भाई ने एसपी सरायकेला-खरसावां को लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 115, 117, 126, 127, 131, 74, 79 और SC/ST अधिनियम 1989 के तहत एफआईआर दर्ज कर दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की गुहार लगाई गई है।
परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि एक गायब लड़की की तलाश के नाम पर दूसरी बेकसूर आदिवासी बेटी पर ऐसा जुल्म ढहाना पुलिस की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
तस्नीम की बरामदगी के लिए जनता ने सौंपा मांग पत्र
इधर, तस्नीम खातून के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। स्थानीय निवासियों ने नगर उपाध्यक्ष से मिलकर पुलिस का दबाव बढ़ाने की मांग की, जिसपर उपाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि वे पुलिस के उच्च अधिकारियों से बात कर खोज अभियान तेज करवाएंगे।
विभागीय जांच शुरू, अलग से बनी स्पेशल टीम
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला पुलिस प्रशासन बैकफुट पर है। एसपी कार्यालय के अनुसार, आदिवासी युवती से मारपीट के मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों पर सेवा से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकती है। वहीं, कपाली पुलिस से केस हटाकर तस्नीम खातून की बरामदगी के लिए एक अलग विशेष टीम का गठन किया गया है, जो तकनीकी सर्विलांस के जरिए जांच को आगे बढ़ा रही है।
