झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चल रहा सियासी सस्पेंस अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच गया है। गुरुवार को विधानसभा में सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव के लिए मतदान का समय शाम 4 बजे तक निर्धारित था, जो शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। अब सभी राजनीतिक दलों और जनता की निगाहें शाम 5 बजे से शुरू होने वाली मतगणना और उसके परिणामों पर टिक गई हैं।
महागठबंधन का दावा: “56 नहीं, हम 61 हैं”
- मतदान प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन विधानसभा पहुँचे और महागठबंधन के विधायकों के साथ जीत की रणनीति पर चर्चा की। इससे पहले मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जहाँ मतदान की बारीकियों को समझाने के लिए बाकायदा मॉक पोल कराया गया।
- महागठबंधन के इस मॉक पोल में झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम को 29 वोट और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 25 वोट मिले।
- वोटिंग के बाद सूबे के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि संख्या बल और दूसरी वरीयता के वोटों के आधार पर महागठबंधन दोनों सीटों पर आसानी से जीत दर्ज कर रहा है। इसी सुर में झामुमो सांसद सरफराज अहमद और केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने भी महागठबंधन की शत-प्रतिशत जीत का भरोसा जताया।
भाजपा की तरफ से आया नारा: “जय श्री राम, हो गया काम”
दूसरी ओर, विपक्ष में बैठी भाजपा और एनडीए खेमे में भी जीत को लेकर पूरा उत्साह देखा जा रहा है। मतदान केंद्र से बाहर निकलने के बाद भाजपा विधायक देवेंद्र कुंवर ने मीडिया के सामने मुस्कुराते हुए कहा, “जय श्री राम, हो गया काम”। उन्होंने दावा किया कि एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी आवश्यक आंकड़ा पार कर शानदार जीत दर्ज करेंगे।
होटल पॉलिटिक्स बनाम एकजुटता का दावा
इस चुनाव में किसी भी प्रकार की क्रॉस वोटिंग या सेंधमारी को रोकने के लिए दोनों ही खेमों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। भाजपा ने चुनाव से ठीक पहले अपने और सहयोगी दलों के विधायकों को एक निजी होटल में ठहराया था, ताकि उनका कुनबा पूरी तरह सुरक्षित रहे। वहीं, दूसरी तरफ महागठबंधन लगातार अपने विधायकों की अटूट एकजुटता का दावा करता रहा।
अब मतपेटियाँ सील हो चुकी हैं और कुछ ही देर में यह साफ हो जाएगा कि झारखंड से दिल्ली के उच्च सदन का टिकट किसे मिलता है।
