क्या आपके डेबिट कार्ड पर भी मिलता है ₹2 लाख का मुफ्त बीमा? बहुत कम लोगों को पता है यह गुप्त फायदा!

Johar News Times
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आज के डिजिटल दौर में UPI जैसे Google Pay, PhonePe के बढ़ते इस्तेमाल के कारण अधिकांश लोगों ने डेबिट कार्ड ATM Card का जेब से निकालना कम कर दिया है। कई लोगों को लगता है कि डेबिट कार्ड का काम सिर्फ एटीएम से पैसे निकालना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पास मौजूद डेबिट कार्ड आपको लाख रुपये का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस (दुर्घटना बीमा) भी देता है? जी हां, यह बिल्कुल सच है। आइए जानते हैं इस बड़े फायदे के बारे में, जो मुसीबत के समय आपके परिवार का बड़ा सहारा बन सकता है।

कितना मिलता है इंश्योरेंस कवर?

आजकल बैंकों द्वारा Visa, RuPay और MasterCard जैसे विभिन्न प्रकार के डेबिट कार्ड जारी किए जाते हैं। इन सभी कार्ड्स पर इन-बिल्ट एक्सीडेंटल इंश्योरेंस की सुविधा मिलती है।

  • सामान्य या क्लासिक कार्ड: इस पर आमतौर पर ₹2 लाख तक का कवर मिलता है।
  • प्रीमियम या प्लेटिनम कार्ड: कार्ड के वेरिएंट के हिसाब से यह बीमा राशि कई लाख रुपये (जैसे ₹5 लाख से ₹10 लाख तक) भी हो सकती है।

क्लेम के लिए यह ‘एक शर्त’ जानना है सबसे जरूरी

मुफ्त बीमा का यह फायदा लेने के लिए बैंकों की एक बेहद महत्वपूर्ण शर्त होती है, जिसे अधिकांश लोग नहीं जानते। बीमा क्लेम तभी मान्य होता है, जब दुर्घटना से पहले एक निश्चित समय सीमा के भीतर उस डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया गया हो।

  • आमतौर पर बैंकों में यह अवधि 90 दिनों की होती है।
  • चूंकि आजकल लोग डेबिट कार्ड को सिर्फ UPI से लिंक करके छोड़ देते हैं और कार्ड को स्वाइप या इस्तेमाल नहीं करते, ऐसे में जरूरत पड़ने पर क्लेम रिजेक्ट होने का खतरा रहता है।

कार्ड एक्टिव रखने का मतलब सिर्फ एटीएम से पैसे निकालना ही नहीं है। अगर आप एटीएम में जाकर बैलेंस चेक करते हैं या मिनी स्टेटमेंट भी निकालते हैं, तो कई बैंकों में इसे भी कार्ड का इस्तेमाल (Active Status) माना जाता है।

मुसीबत में परिवार का बनता है सहारा

अगर किसी डेबिट कार्डधारक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या वह पूर्ण रूप से विकलांग हो जाता है, तो बैंक की पात्रता शर्तें पूरी होने पर उसके परिवार या नॉमिनी (Nominee) को यह बीमा राशि दी जाती है।

क्या करें आप?

हर बैंक और कार्ड प्रोवाइडर (RuPay/Visa) के नियम और शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए आज ही अपने बैंक की शाखा में जाकर या उनकी हेल्पलाइन पर संपर्क कर यह जरूर पता करें कि आपके कार्ड पर कितना बीमा कवर है और उसे एक्टिव रखने के सटीक नियम क्या हैं

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