जमशेदपुर: शहर में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को ठगने वाले शातिर बदमाशों ने शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता विद्या सिंह को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि अधिवक्ता की सतर्कता और कानूनी समझ के कारण उनकी चाल नाकाम हो गई और बदमाश मौके से फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, कोर्ट से लौटते समय मानगो बस स्टैंड गोलचक्कर के पास बुलेट सवार दो युवकों ने उनका पीछा किया और रास्ता रोक लिया। एक युवक ने अपने साथी को “बड़ा बाबू (इंस्पेक्टर)” बताते हुए कहा कि इलाके में हत्या हुई है और माहौल खराब है। इसके बाद कथित इंस्पेक्टर ने उन्हें सोने की चेन और अंगूठी उतारकर रखने की सलाह दी।
इस पर अधिवक्ता विद्या सिंह ने खुद को वकील बताते हुए कहा कि वे किसी से नहीं डरते। जवाब सुनते ही दोनों बदमाश बुलेट पर सवार होकर फरार हो गए। अधिवक्ता ने बताया कि दोनों युवकों की कद-काठी और हाव-भाव ऐसे थे कि वे पहली नजर में असली पुलिसकर्मी लग रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही साकची और बिष्टुपुर थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने मानगो पुल, बस स्टैंड गोलचक्कर और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस को आशंका है कि यह किसी ईरानी ठग गिरोह का काम हो सकता है। हाल के दिनों में जुगसलाई, बिष्टुपुर और साकची में भी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्गों से लाखों रुपये के गहने ठगे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
