हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की सुरदा माइंस में काम करने वाले करीब 950 मजदूरों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। वर्षों से लंबित मांगों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से नाराज मजदूरों ने रविवार को सुरदा बाजार प्रांगण में एक बड़ी बैठक की। इस बैठक के दौरान मजदूरों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ एवं मजदूर नेता बाघराय मार्डी से मुलाकात कर उन्हें अपनी 13 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन सौंपा।
‘मानसिक और आर्थिक शोषण’ का आरोप
मजदूरों का सीधा आरोप है कि माइंस की ठेका कंपनी आर.के. इंटरप्राइज रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उनका मानसिक और आर्थिक शोषण किया जा रहा है। कर्मियों ने कहा कि उन्हें कई महत्वपूर्ण और मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह वंचित रखा जा रहा है, जिससे उनके और उनके परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
मजदूरों ने साफ लफ्जों में कहा है कि यदि प्रबंधन और ठेका कंपनी ने उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मजदूरों की प्रमुख 13 सूत्री मांगें:
मजदूरों ने अपने मांगपत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकार और सुविधाएं अविलंब देने की मांग की है:
- छुट्टियों की व्यवस्था: सीएल , ईएल और सिक लीव का स्पष्ट प्रावधान हो।
- भत्ते और सुविधाएं: एचआरए , कन्वेयंस और वॉशिंग अलाउंस दिया जाए।
- सुरक्षा और स्वास्थ्य: कार्यस्थल पर बेहतर मेडिकल सुविधा, दुर्घटना बीमा और उचित मुआवजे की गारंटी हो।
- अन्य बुनियादी मांगें: कैंटीन, यूनिफॉर्म की व्यवस्था और योग्यता के आधार पर ग्रेड अपग्रेडेशन किया जाए।
“अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा” — बाघराय मार्डी
मजदूरों की शिकायतें सुनने के बाद झामुमो नेता बाघराय मार्डी ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया कि उनके हक की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी। मार्डी ने कहा कि मजदूरों का शोषण और उनके साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वह इस मामले को लेकर प्रबंधन के समक्ष मजबूती से बात रखेंगे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मजदूर प्रतिनिधि मुख्य रूप से राखिन हांसदा, सोदो मुर्मू, बुधराम मुर्मू, प्रदीप मुर्मू, सुमो सोरेन, सुकलाल सोरेन, गौरव हेम्ब्रम, गमेश सोरेन, शेखर टुडू और परेश सोरेन सहित भारी संख्या में माइंस कर्मी उपस्थित थे।
