गुड़ाबांदा: गुड़ाबांदा प्रखंड की भालकी पंचायत अंतर्गत कनयालुका गांव के आमड़ाधुटू टोला में सरकारी चापाकल पर कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को लिखित आवेदन सौंपकर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, पांडू टूडू के घर के समीप सरकारी भूमि पर वर्षों पहले ग्रामीणों की पेयजल सुविधा के लिए एक सरकारी चापाकल स्थापित किया गया था। इस चापाकल का उपयोग लंबे समय से टोला के सभी लोग करते आ रहे थे। आरोप है कि हाल के दिनों में गांव के एक व्यक्ति ने चापाकल के चारों ओर घेराबंदी कर उसे निजी उपयोग के लिए नियंत्रित करने का प्रयास किया है, जिससे आम ग्रामीणों को पानी लेने में कठिनाई हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति पर इस तरह का कब्जा न केवल लोगों की मूलभूत सुविधा को प्रभावित कर रहा है, बल्कि गांव की सामाजिक सौहार्द्र और पारंपरिक व्यवस्था पर भी असर डाल रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो गांव में विवाद और बढ़ सकता है।
बीडीओ को दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकारी चापाकल और उससे संबंधित भूमि से अवैध घेराबंदी हटाकर उसे पुनः आम जनता के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। आवेदन पर टोला प्रधान, ग्राम प्रधान समेत कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
