गुड़ाबांदा: लंबे समय से विवादों में घिरे कड़ियामोहनपाल एवं कड़ियामोहनपाल स्वर्णरेखा नदी क्षेत्र के 81 हेक्टेयर में फैले बालू घाट का संचालन गुरुवार से शुरू हो गया। बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती ने फीता काटकर घाट का उद्घाटन किया, जिसके बाद ट्रैक्टरों के जरिए बालू उठाव शुरू कर दिया गया। उद्घाटन के दौरान विधायक ने संचालन कर रही कंपनी गोदावरी कमोडिटीज लिमिटेड को निर्देश दिया कि बालू परिवहन और रोजगार में स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों एवं चालकों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि परियोजना का लाभ क्षेत्र के लोगों को मिल सके। हालांकि घाट शुरू होते ही नए विवाद भी सामने आने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने बालू का स्टॉक यार्ड एक विद्यालय से मात्र 60 मीटर की दूरी पर बना दिया है, जो सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों पर सवाल खड़ा करता है। लोगों ने पूछा है कि इतनी कम दूरी पर एनओसी कैसे जारी की गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सैकड़ों ट्रैक्टर और हाईवा की आवाजाही से क्षेत्र में धूल और शोर बढ़ेगा। उनका आरोप है कि कंपनी ने अब तक धूल नियंत्रण के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की है। कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि आवश्यक सुविधाएं और सुरक्षा उपाय चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। बालू कारोबारियों और वाहन मालिकों ने भी असंतोष जताया है। उनका कहना है कि चालान प्रक्रिया, परिवहन दर और बालू की अंतिम कीमतों को लेकर अब तक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

ग्रामीणों और वाहन मालिकों की प्रमुख आपत्तियों में विद्यालय के निकट स्टॉक यार्ड, धूल नियंत्रण की व्यवस्था का अभाव तथा परिवहन और बिक्री दरों को लेकर अनिश्चितता शामिल है। घाट शुरू होने के साथ ही अब प्रशासन, कंपनी और स्थानीय लोगों के बीच इन मुद्दों पर बहस तेज हो गई है।
उद्घाटन समारोह में झामुमो बहरागोड़ा प्रखंड अध्यक्ष असी मिश्रा, गुड़ाबांदा प्रखंड अध्यक्ष सुराई टुडू, बुकाई सोरेन, साकिला हेंब्रम, रविलाल सोरेन, बेलोवती मुर्मू, विनय घोष, देवदत्त गिरी, ग्राम प्रधान बलराम बारिक, अश्विनी घोप, प्रसुतंला कुम्मार बेरेरा, कंपनी के प्रतिनिधि समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा मौजूद थे।
