ममता ने टाटा को बंगाल से भगाया, शुभेंदु वापस लाएंगे: सिंगुर विवाद पर भाजपा का तीखा बयान

पश्चिम बंगाल की राजनीति में सिंगुर विवाद एक बार फिर चर्चा में है।

Johar News Times
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में सिंगुर विवाद एक बार फिर चर्चा में है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने दावा किया है कि टाटा समूह भविष्य में राज्य में फिर से वापसी करेगा। चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने सिंगुर घटना को “शर्मनाक” बताया और कहा कि उस फैसले से देशभर में बंगाल को लेकर नकारात्मक संदेश गया।

भट्टाचार्य ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब भाजपा ने राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने और नए निवेश आकर्षित करने के लिए 100 दिन की विशेष योजना शुरू की है। उन्होंने व्यापार-अनुकूल सुधारों, मजबूत एमएसएमई नीतियों, बुनियादी ढांचे के विकास और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की बात भी कही। भाजपा नेता ने सिंगुर प्रकरण पर खेद जताते हुए कहा कि उस समय टाटा मोटर्स को राज्य छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

क्या था सिंगुर विवाद?
अक्टूबर 2008 में टाटा मोटर्स ने सिंगुर में अपना नैनो कार प्रोजेक्ट रोक दिया था। यह फैसला उस समय के व्यापक राजनीतिक और जनआंदोलन के बाद आया था, जिसमें बहुफसली कृषि भूमि के कथित अधिग्रहण का विरोध किया गया था। आंदोलन के चलते टाटा समूह ने परियोजना गुजरात के साणंद स्थानांतरित कर दी, जहां 2010 में उत्पादन शुरू हुआ। इस घटना को बंगाल में निवेश माहौल के लिए बड़ा झटका माना गया था और इसका असर राज्य की औद्योगिक छवि पर पड़ा।

साणंद में टाटा का सफर
साणंद में स्थापित संयंत्र में पहले नैनो कार का उत्पादन हुआ, लेकिन 2018 में इसका निर्माण बंद कर दिया गया। बाद में इसी प्लांट का उपयोग टियागो और टिगोर जैसी कारों के निर्माण के लिए किया गया।

766 करोड़ रुपये का मुआवजा
2023 में एक आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल ने टाटा मोटर्स के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को सिंगुर परियोजना के नुकसान के लिए 766 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था।

राजनीतिक असर
सिंगुर आंदोलन ने ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर में निर्णायक भूमिका निभाई थी। इसी आंदोलन के बाद उन्होंने 2011 में वाम मोर्चे के 34 साल लंबे शासन को समाप्त कर सत्ता हासिल की। बाद में 2016 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विवादित जमीन किसानों को लौटा दी गई। भाजपा अब इसी सिंगुर को लेकर औद्योगिक वापसी और निवेश पुनर्जीवन के एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

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