देश के करोड़ों नागरिकों को उनके भूले-बिसरे और लावारिस पड़े पैसों को वापस दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। सरकार ने आधिकारिक तौर पर ‘कॉमन क्लेम्स पोर्टल’ की शुरुआत कर दी है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से अब कोई भी नागरिक देशभर के विभिन्न वित्तीय संस्थानों में पड़ी अपनी लावारिस संपत्तियों की जानकारी महज कुछ क्लिक्स में एक ही स्थान पर हासिल कर सकेगा।
एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी इन संपत्तियों की जानकारी
अक्सर लोग अलग-अलग बैंकों या वित्तीय संस्थाओं में निवेश कर भूल जाते हैं। इस नए पोर्टल के माध्यम से निम्नलिखित अनक्लेम्ड संपत्तियों की खोज आसान हो जाएगी:
- बैंकों में सालों से पड़ी निष्क्रिय राशि
- मैच्योर हो चुके बीमा के दावे
- शेयर और उन पर मिलने वाला लाभांश
- म्यूचुअल फंड से जुड़ी अनक्लेम्ड राशि
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों के सहयोग से बेहद सुरक्षित और आधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया गया है। यह पोर्टल अलग-अलग वित्तीय संस्थानों के डेटा और सूचनाओं को एक साथ एकीकृत करता है। इसके शुरू होने से अब आम जनता को अपनी डूबी या छूटी हुई रकम का पता लगाने के लिए अलग-अलग विभागों, बैंकों या कंपनियों के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी।
“यह पहल देश की वित्तीय सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण कदम है।” – केंद्र सरकार
सरकार के मुताबिक, इस पोर्टल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वास्तविक दावेदार या उनके कानूनी उत्तराधिकारी अपनी छूटी हुई संपत्तियों की पहचान बेहद आसानी से कर सकेंगे। इसके साथ ही, उन संपत्तियों पर अपना दावा ठोकने की कानूनी प्रक्रिया भी पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और तेज हो जाएगी।
