गुवा SAIL में सप्लाई मजदूरों के जॉब कांट्रैक्ट बदलाव का तीखा विरोध, सेल अस्पताल की बदहाली पर मजदूर संघ ने खोला मोर्चा

ठेका बिल बकाया और जर्जर इलाज: झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने गुवा SAIL प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा।

Johar News Times
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पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा स्थित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड प्रबंधन और मजदूर संगठनों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। ‘झारखंड मजदूर संघर्ष संघ’ ने गुवा सेल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की घोर कमी और सप्लाई मजदूरों के जॉब कांट्रैक्ट में प्रस्तावित बदलावों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।

यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सेल प्रबंधन की ‘मजदूर विरोधी’ नीतियों और अस्पताल की बदहाली के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन अध्यक्ष रामा पांडे ने सेल प्रबंधन पर सीधा आरोप लगाया कि प्रबंधन चुपके से सप्लाई मजदूरों के जॉब कांट्रैक्ट में ऐसा बदलाव करना चाहता है जो उनके हितों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यूनियन किसी भी कीमत पर मजदूरों के हक से समझौता नहीं करेगी और इस बदलाव का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

रामा पांडे ने बताया कि दो दिन पहले सेल के सीजीएम चंद्रभूषण कुमार के साथ इस विषय पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। प्रबंधन ने यूनियन की आपत्तियों और मांगों पर विचार करने के लिए चार दिन का समय मांगा है। हालांकि, प्रबंधन की ओर से कुछ बुनियादी मांगों पर काम शुरू करने का आश्वासन भी दिया गया है।

बीमारियों का घर बना गुवा सेल अस्पताल! यूनियन ने उठाईं ये 10 मुख्य मांगें

मजदूर संघ ने गुवा सेल अस्पताल की जर्जर और बदहाल व्यवस्था पर कड़ा रोष जताया। उन्होंने क्षेत्र में पैर पसार रहे मलेरिया से बचाव के लिए तत्काल डीडीटी का छिड़काव और फॉगिंग कराने की मांग की। इसके साथ ही प्रबंधन के सामने निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखी गईं:

  • अस्पताल के लिए नई वातानुकूलित एंबुलेंस की व्यवस्था हो और रविवार को भी पैथोलॉजी लैब सेवा चालू रखी जाए।
  • अस्पताल परिसर में ही ब्लड बैंक, आधुनिक अल्ट्रासाउंड सुविधा और नई एक्स-रे मशीन तत्काल स्थापित की जाए।
  • वार्डों के पुराने सड़ चुके बेड बदले जाएं, पीने के लिए शुद्ध आरओ वाटर की व्यवस्था हो और मरीजों को उनकी बीमारी के चार्ट के अनुसार ही न्यूट्रिशियस भोजन दिया जाए।
  • अस्पताल में सीनियर और विशेषज्ञ डॉक्टरोंकी स्थाई नियुक्ति की जाए।
  • अस्पताल परिसर और वार्डों के शौचालयों की दैनिक और नियमित सफाई सुनिश्चित हो।

“डॉक्टर करते हैं मरीजों को प्रताड़ित, 7 महीने का ठेका बिल भी है बकाया”

समीक्षा बैठक में मजदूर संघ ने डॉक्टरों के व्यवहार पर भी गंभीर आरोप लगाए। यूनियन नेताओं ने कहा कि जब गुवा अस्पताल से मरीजों को बाहर रेफर किया जाता है, तो रिव्यू के दौरान संबंधित डॉक्टरों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों को बेवजह प्रताड़ित किया जाता है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।

इसके अलावा, ठेका मजदूरों का पिछले सात महीनों से लंबित बिलों का भुगतान नहीं होने का मुद्दा भी गरमाया। यूनियन ने मांग की है कि राउरकेला स्टील प्लांट अस्पताल रेफर होने वाले मरीजों के लिए जो एंबुलेंस जाती है, उसमें अनिवार्य रूप से एसी चालू रहना चाहिए ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो।

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