थायरॉइड की कोई ‘जादुई डाइट’ नहीं, लेकिन इन बदलावों से हमेशा कंट्रोल में रहेगी बीमारी, जानें डॉक्टरों की राय

डॉक्टरों के मुताबिक, दवाइयां थायरॉइड के इलाज में सबसे अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन हमारा खानपान भी इस बात को प्रभावित करता है कि थायरॉइड कितनी अच्छी तरह काम करेगा

Johar News Times
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शरीर की यह छोटी-सी ग्रंथि हमारे कई जरूरी कामों को नियंत्रित करती है। मेटाबॉलिज्म, शरीर का तापमान, दिल की धड़कन, मूड और एनर्जी का लेवल काफी हद तक इसी पर निर्भर करता है। डॉक्टरों के मुताबिक, दवाइयां थायरॉइड के इलाज में सबसे अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन हमारा खानपान भी इस बात को प्रभावित करता है कि थायरॉइड कितनी अच्छी तरह काम करेगा।

विशिष्ट विशेषज्ञ डॉ. नंदनी शंकरा नरायणा के अनुसार, सिर्फ डाइट से थायरॉइड की बीमारी न तो पूरी तरह होती है और न ही खत्म होती है, लेकिन सही भोजन थायरॉइड ग्रंथि को बेहतर तरीके से काम करने में मदद जरूर कर सकता है।

क्यों जरूरी हैं आयोडीन, सेलेनियम और जिंक?

थायरॉइड को स्वस्थ रखने के लिए कुछ पोषक तत्व बेहद जरूरी माने जाते हैं:

  • आयोडीन: यह तत्व थायरॉइड हार्मोन बनाने में मदद करता है, जो शरीर की ऊर्जा और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करते हैं। आयोडीन की कमी होने पर शरीर में हार्मोन असंतुलन और थायरॉइड बढ़ने (Goiter) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आयोडीन युक्त नमक, दूध, अंडे और समुद्री भोजन (Seafood) इसके अच्छे सोर्स हैं।
  • सेलेनियम: यह थायरॉइड हार्मोन को सक्रिय करने और ग्लैंड को नुकसान से बचाने में मदद करता है।
  • जिंक: यह शरीर में हार्मोन के निर्माण में सहायक होता है।

अंडे, बीज, दालें, मेवे (Nuts) और साबुत अनाज इन दोनों पोषक तत्वों (सेलेनियम और जिंक) की कमी को आसानी से पूरा कर सकते हैं।

सोशल मीडिया के भ्रम से बचें: क्या ब्रोकली और गोभी सच में हैं दुश्मन?

सोशल मीडिया पर अक्सर ब्रोकली, पत्ता गोभी और फूलगोभी जैसी ‘क्रूसिफेरस’ (Cruciferous) सब्जियों को थायरॉइड का दुश्मन बताया जाता है, लेकिन विशेषज्ञ इसे महज एक गलतफहमी मानते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य मात्रा में और अच्छी तरह पकाकर खाई गई ये सब्जियां कोई नुकसान नहीं पहुंचातीं। इसके विपरीत, इनमें मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।

जंक फूड है असली विलेन, दवा के समय का रखें ख्याल

एक्सपर्ट्स के मुताबिक असली समस्या प्रोसेस्ड और जंक फूड से बढ़ती है। ज्यादा तला-भुना, मीठे ड्रिंक्स और अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन शरीर में सूजन (Inflammation), वजन बढ़ने और थकान जैसी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं, जिससे थायरॉइड के लक्षण और गंभीर महसूस होने लगते हैं।

‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज’ के अनुसार, थायरॉइड की दवा सही समय पर लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि खाली पेट न लेने पर या कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने पर दवा का असर कम हो सकता है।

डॉक्टरों की अंतिम सलाह

थायरॉइड के लिए कोई जादुई डाइट नहीं होती। सबसे बेहतर तरीका यही है कि:

  1. संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लिया जाए।
  2. आयोडीन युक्त नमक का सीमित और सही मात्रा में इस्तेमाल हो।
  3. हमेशा ताजा और घर का बना खाना खाएं।
  4. बिना डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के किसी भी क्रैश या सख्त डाइट प्लान को न अपनाएं।

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