लोहरदगा जिले के चूल्हापानी में आयोजित “देवनद-दामोदर महोत्सव 2026” में झारखंड के राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar ने नदियों के संरक्षण को मानव जीवन और प्रकृति के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि नदियां केवल जलधाराएं नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और सभ्यता की पहचान हैं।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में दामोदर नदी को झारखंड की जीवनरेखा बताते हुए कहा कि जलस्रोतों की रक्षा करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने लोगों से नदियों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे Saryu Roy ने कहा कि वर्ष 2004 में शुरू हुए “दामोदर बचाओ आंदोलन” का सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि निरंतर प्रयासों के कारण दामोदर नदी काफी हद तक स्वच्छ हुई है और जनजागरण अभियान ने लोगों को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक किया है।
महोत्सव में युगांतर भारती के अध्यक्ष अंशुल शरण ने कहा कि राज्यपाल के चूल्हापानी आगमन से क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। इससे पर्यटन, सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के दौरान नदी संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और सांस्कृतिक विरासत को बचाने को लेकर भी चर्चा हुई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।
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