सरायकेला-खरसावां जिले में जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के अंतर्गत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के कल्याण के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले के विभिन्न प्रखंडों की 16 चिन्हित ग्राम पंचायतों में विशेष जागरूकता एवं लाभुक संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में न सिर्फ सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई, बल्कि मौके पर ही पात्र लोगों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया।
जिले के अलग-अलग प्रखंडों के अंतर्गत आने वाले इन पंचायत भवनों में शिविरों का सफल आयोजन हुआ:
- सरायकेला प्रखंड: छोटादावना एवं नुवागांव
- खरसावां प्रखंड: दलाईकेला
- कुचाई प्रखंड: अरुवां
- राजनगर प्रखंड: गोविंदपुर, पोटका एवं बीजाडीह
- गम्हरिया प्रखंड: कालिकापुर, दुग्धा एवं बीरबांस
- चांडिल प्रखंड: रूचाप, रसुनिया एवं घोड़ानेगी
- ईचागढ़ प्रखंड: बांदु, गुड़ड़ी एवं मौरड़ा
ऑन-द-स्पॉट हुआ स्वास्थ्य जांच और दस्तावेजों का सत्यापन
आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से रूबरू कराया गया और योग्य लाभुकों से आवेदन लिए गए। शिविरों में मुख्य रूप से मुफ्त स्वास्थ्य जांच, दस्तावेज सत्यापन, वृद्धा/विधवा पेंशन, राशन कार्ड, पहचान पत्र, पीएम आवास, मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा जैसी विभागीय योजनाओं से संबंधित सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गईं। साथ ही जनता की शिकायतों को सुनकर उनका त्वरित निष्पादन किया गया।
अभियान को लेकर सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह बेहद गंभीर हैं। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में रहकर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह का संदेश: “इस विशेष अभियान का उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े कमजोर जनजातीय समूह तक सरकार की हर योजना का लाभ पहुंचाना है। अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक करें। शिविरों में मिलने वाली शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ ऑन-द-स्पॉट निपटारा करें और शेष मामलों को समय-सीमा के अंदर पूरा करें। कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। आमजन भी बढ़-चढ़कर इन शिविरों का लाभ उठाएं।”
आपको बता दें कि यह विशेष अभियान जिले के चिन्हित जनजातीय क्षेत्रों में 18 मई से 25 मई 2026 तक चलाया जा रहा है। इसका मुख्य फोकस विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं से शत-प्रतिशत जोड़ना है।
