महेशपुर डिग्री कॉलेज में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न, NEP-2020 पर हुआ गहरा मंथन

शिक्षा में लौट रही है भारतीयता: महेशपुर डिग्री कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के जरिए नई शिक्षा नीति और प्राचीन ज्ञान के समन्वय पर विमर्श।

Johar News Times
3 Min Read

पाकुड़ जिले के महेशपुर डिग्री कॉलेज में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय बहुविषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का गुरुवार को गरिमामय समापन हो गया। इस उच्च स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन झारखंड राज्य उच्च एवं तकनीकी शिक्षा परिषद के सहयोग से किया गया था। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। दो दिनों तक चले इस सेमिनार में भारतीय ज्ञान परंपरा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और शिक्षा के भारतीय मूल्यों पर देश के प्रख्यात विद्वानों ने गंभीर और सारगर्भित विचार साझा किए।

संगोष्ठी में आए मुख्य वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर या इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह वर्तमान और भविष्य की वैश्विक शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बेहतरीन मार्गदर्शक है। विद्वानों ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 भारतीय संस्कृति, नैतिकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है।

  • प्रो. (डॉ.) बृजेश कुमार सिंह :उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक शिक्षा विमर्श से जोड़ते हुए कहा कि भारतीय चिंतन पूरे विश्व को समरसता, सह-अस्तित्व और सतत विकास का संदेश देता है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत समाज और सांस्कृतिक मूल्यों की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
  • डॉ. देवकीनंदन भट्ट:उन्होंने भारतीय समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण और शिक्षा में भारतीयता के महत्व को रेखांकित करते हुए देश के विकास में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे।

विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए शोधार्थियों और शिक्षकों ने भारतीय ज्ञान परंपरा, आधुनिक शिक्षा, समाज, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों से संबंधित अपने महत्वपूर्ण शोध पत्रों का वाचन किया। इस सेमिनार में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में इनकी रही भूमिका

इस राष्ट्रीय संगोष्ठी की अध्यक्षता कॉलेज के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) मसूद अहमद ने की। कार्यक्रम को सफल बनाने में कन्वेनर डॉ. शैलेश मिश्रा, को-कन्वेनर प्रणव राज और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ. राकेश कुमार दास ने मुख्य भूमिका निभाई। सेमिनार की पूरी व्यवस्था आउटसोर्सिंग के माध्यम से बेहद प्रभावशाली और सुव्यवस्थित ढंग से की गई थी।

इस अवसर पर प्रख्यात समाज सेवी उपासना मरांडी, नवोदय विद्यालय के प्राचार्य प्रदीप कुमार सिंह, जिला परिषद सदस्य सामसुन मुर्मू सहित कॉलेज परिवार के अमित सोरेन, जितेंद्र कुमार रजक, पिंटू कुमार, सामु सुमन हांसदा, डॉ. रामचंद्र राणा और बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी व विद्यार्थी उपस्थित रहे। कुल मिलाकर यह संगोष्ठी अकादमिक उत्कृष्टता और नई शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुई।

Share This Article